Unit I- Generations of Computers

GENERATIONS OF COMPUTERS:-  

1940 में ‘Atanasoff Berry’  द्वारा पहले इलेक्‍ट्रानिक कम्‍प्‍यूटर के विकास के बाद कम्‍प्‍यूटर ने इलेक्‍ट्रानिक कम्‍प्‍यूटिंग के युग में कदम रखा। इलेक्‍ट्रानिक कम्‍प्‍यूटर के विकास की शुरूआत 1946 से मानी जाती है । ‍

कम्‍प्‍यूटर की GENERATIONS को पॉंच भागों में विभाजित किया गया है जो निम्‍न प्रकार से है:-

 कम्‍प्‍यूटर की प्रथम पीढ़ी (1946-1956):-

सन् 1946 में एकर्ट और मुचली ने “एनिएक” नामक कम्‍प्‍यूटर का निर्माण किया। इसी समय से ही कम्‍प्‍यूटर की प्रथम पीढ़ी का प्रारंभ माना जाता है। इस पीढ़ी के कम्‍प्‍यूटरों में वैक्‍यूम ट़्यूब का प्रयोग किया जाता था, जिसका अविष्‍कार सन् 1904 में किया गया। प्रथम पीढ़ी में एनिएक (इलेक्‍ट्रानिक न्‍युमेरिकल इनट्रीग्रेटर स्‍टोरेज एण्‍ड कैल्‍कुलेटर) के अलावा एडसैक (इलेक्‍ट्रानिक डिले स्‍टोरेज अटोमैटिक कैल्‍कुलेटर ), एडवैक, यूनिवैक कम्‍प्‍यटर आते है।

प्रथम पीढ़ी के कम्‍प्‍यूटरों के लक्षण:–

  • वैक्‍यूम ट़्यूब का प्रयोग
  • पंचकार्ड पर आधारित
  • स्‍टोरेज के लिए मैग्‍नेटिक ड्रम का प्रयोग
  • बहुत ही नाजुक और कम विश्‍वसनीय
  • मशीनी तथा असेम्‍बली में प्रोग्रामिंग

कम्‍प्‍यूटर की द्वितीय पीढ़ी(1956-1964):-

कम्‍प्‍यूटर की द्वितीय पीढ़ी में वैक्‍यूम ट़्यूब के स्‍थान पर ट्राँजिस्‍टर के उपयोग की शुरूआत हुई। विलियम शॅाकले ने  ट्राँजिस्‍टर  का आविष्‍कार सन् 1947 में किया था। ट्राँजिस्‍टर के उपयोग ने  कम्‍प्‍यूटरों को वैक्‍यूम ट़्यूब की अपेक्षा ज्‍यादा गति एवं विश्‍वसनीयता प्रदान की।

द्वितीय  पीढ़ी के कम्‍प्‍यूटरों के लक्षण:–

  • वैक्‍यूम ट़्यूब के स्‍थान पर ट्राँजिस्‍टर का प्रयोग।
  • अपेक्षाकृत छोटे एवं ऊर्जा की कम खपत।
  • अधिक तेज एवं विश्‍वसनीय।
  • प्रथम पीढ़ी की अपेक्षा कम खर्चीला।
  • इसमे कोबोल एवं फोर्ट्रान जैसी उच्‍चस्‍तरीय प्रो्ग्रामिंग भाषाओं का विकास।

कम्‍प्‍यूटर की तृतीय पीढ़ी (1964-1971):-

कम्‍प्‍यूटरों की तृतीय पीढ़ी की शुरूआत 1964 में हुई। इस पीढ़ी के  कम्‍प्‍यूटरों में आई.सी. (इन्‍ट्रीग्रेटेड सर्किट) का प्रयोग किया गया ‍। आई.सी. का अविष्‍कार टेक्‍सास इन्‍स्‍टूमेंट कंपनी के एक साइटिस्‍ट ‘जैक किल्‍वी’ ने किया था। इस पीढ़ी के कम्‍प्‍यूटरों में आई.सी.एल. 2903, आई.सी.एल 1900, यूनिवैक‍ 1108 और सिस्‍टम 1360 प्रमुख थे।

 तृतीय पीढ़ी के कम्‍प्‍यूटरों के लक्षण –

  • इन्‍ट्रीग्रेटेड चिप का प्रयोग।
  • प्रथम एवं द्वितीय पीढियों की अपेक्षा आकार एवं वजन बहुत कम।
  • अधिक विश्‍वसनीय।
  • पोर्टेबल एवं आसान रख-रखाव।
  • उच्‍चस्‍तरीय भाषाओं का बृहद् स्‍तर पर प्रयोग।

कम्‍प्‍यूटरों की चर्तुथ पीढ़ी (1971-1980):-

सन् 1980 से लेकर आज तक के कम्‍प्‍यूटरों को चर्तुथ पीढ़ी की श्रेणी में रखा गया है। इस पीढ़ी में आई.सी., ‘इन्‍ट्रीग्रेटेड सर्किट’ का प्रयोग किया गया है। आई.सी के अविष्‍कार से पूरी ‘सी.पी.यू.’ यूनिट एक छोटी सी चिप में आ गई जिसे माइक्रो प्रोसेसर कहा जाता है। पहले स्‍माल स्‍केल इंटीग्रेशन (SSI), फिर मीडियम स्‍केल इंटीग्रेशन (MSI) तकनीक बनी। जिसमें एक चिप के अंदर ३०००० कम्‍पोनेंट समायोजित किये गये।

बाद में ‘लार्ज इन्‍ट्रीग्रेटेड सर्किट’(LSI) फिर vlsi (Very Large-Scale Integrating) तकनीकी विकसित हुई। इसमें लगभग तीन लाख ट्रान्जिस्‍टरो के बराबर ‘आई.सी’ एक इंच के चौथाई भाग में शामिल हो सकते है।

आई.सी का प्रयोग करने वाले कम्‍प्‍यूटरों को माइक्रो कम्‍प्‍यूटर कहा गया। सबसे पहला माइक्रो कम्‍प्‍यूटर ‘अल्‍टेयर 8800’ माइक्रो कम्‍प्‍यूटर था जिसे मिट्स नामक कंपनी ने बनाया है। बिल गेट्स को कम्‍प्‍यूटर का स्‍वामी कहा जाता है।इसी जनरेशन में IBM कंपनी का पहला “personal computer,” या  PC विकसित हुआ।

चतुर्थ पीढ़ी कम्‍प्‍यूटरो के लक्षण:–

  • वेरी लार्ज स्‍केल इन्‍ट्रीग्रेशन vlsi तकनीक का उपयोग।
  • आकार में अदभुत कमी। अधिक मेमोरी क्षमता।
  • साधारण आदमी की क्रय-क्षमता के अंदर, चौथी पीढी के कम्‍प्‍यूटर के विकास के बाद ही कम्‍प्‍यूटर पीसी सर्वसुलभ हो गया।
  • अधिक प्रभावशाली, विश्‍वसनीय एवं अद्भुत गतिमान।
  • कम्‍प्‍यूटरों के विभिन्‍न नेटवर्क का विकास।
  • हाई लेवल कम्‍प्‍यूटर भाषा जैसे BASIC, COBOL, FORTRAN,  PASCAL, and C, इत्‍यादि चौथी पीढी के कम्‍प्‍यूटर के लिये विकसति की  गये । इसी पीढी में पहले सुपर कम्‍प्‍यूटर का भी विकास हुआ।

कम्‍प्‍यूटरों की पंचम पीढ़ी (1980 से अब तक):-

कम्‍प्‍यूटरों की पाचवी पीढ़ी में वर्तमान के शक्तिशाली एवं उच्‍च तकनीक वाले कम्‍प्‍यूटर से लेकर भविष्‍य में आने वाले कम्‍प्‍यूटरो को शामिल किया गया है। इस पीढ़ी के कम्‍प्‍यूटरों में आर्टीफीशियल इन्‍ट्रलेजिन्‍स (AI) का प्रयोग किया गया है ।

 नए ULSI (Ultra Large-Scale Integration) आई.सी. सर्किट, पुराने वेरी लार्ज स्‍केल सर्किट की जगह ले रहे है। इस पीढ़ी में प्रतिदिन कम्‍प्‍यूटर के आकार को घटाने का प्रयास किया जा रहा है।

आधुनिक high-level languages जैसे कि  Python, R, C#, Java, इस पीढी के कम्‍प्‍यूटर के लिये इनपुट मेथड की तरह प्रयोग की जा रही है । ये बहुत ही ज्‍यादा विश्‍वसनीय है। Parallel processing hardware और artificial intelligence software इन कम्‍प्‍यूटर में प्रयोग हो रहे है।

PARAM 10000, IBM notebooks, Intel P4, Laptops, इत्‍यादि कुछ पांचवी पीढी कम्‍प्‍यूटर के उदाहरण हैं।

पर्सनल कम्‍प्‍यूटर का कनफिगरेशन:-

  • इंटेल 2.4 कोर टू डियो प्रोसेसर
  • इंटेल मदरबोर्ड
  • 1 गीगा बाइट डी टू रैम
  • 300 गीगा बाइट हार्डडिस्‍क
  • मेगाबाइट एल टू कैश मेमोरी
  • ग्राफिक्‍स कार्ड 256 मेगाबाइट
A vintage personal computer with a monitor and keyboard, featuring a retro design, sitting on a wooden desk.