1955 में सऊदी शाह के बनारस आने पर उन्हें खुश करने के लिए, उनके क़ाफ़िले पर पड़ने वाले मंदिरों को पर्दे से ढका गया था। क्योंकि इस्लाम में बुत-परस्ती हराम माना जाता है ।
इस घटना पर, गर्व से शायर ‘नज़ीर बनारसी’ ने शेर लिखा था–
“अदना सा ग़ुलाम उनका, गुज़रा था बनारस से॥
मुँह अपना छुपाते थे, काशी के सनम-खाने॥”
आज भारत का जलवा देखिए ! उसी अरब देश यूएई में, जहां इस्लामिक सरिया क़ानून लागू है, वहाँ के पहले विशाल हिंदू मंदिर का माननीय नरेन्द्र मोदी जी कल प्राणप्रतिष्ठा, उद्घाटन करेंगे।
अबूधाबी में स्वामीनारायण संस्थान ने 27 एकड़ में, 108 फिट ऊँचा, 262 फिट लंबा, 180 फिट चौड़ा, विशाल मंदिर बनवाया है। इसका निर्माण मार्च 2019 में शुरू हुआ था ।
इस मंदिर का शिलान्यास मोदी जी ने किया था । इसे राजस्थान से ले जाये गये गुलाबी सैंड स्टोन से बनाया गया है। इस मंदिर की लागत 700 करोड़ है ।
इस मंदिर के लिए एक इस्लामिक देश में ज़मीन और अनुमति माननीय मोदी जी के विशेष अनुरोध पर यूएई के शाह बिन ज़ायद ने दी।👍
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज से दो दिन के संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के दौरे पर हैं। UAE के दौरे के बाद वह कतर जाएंगे।
पीएम मोदी यूएई के राष्ट्रपति ‘शेख मोहम्मद बिन जायेद अल नाहयान’ के साथ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करेंगे और अबू धाबी में हिंदू मंदिर का उद्घाटन करेंगे।🙏
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अबू धाबी में आयोजित ‘अहलान मोदी’ (Ahlan Modi) सामुदायिक कार्यक्रम को संबोधित करेंगे।
अरब भाषा में ‘अहलान मोदी’ (Ahlan Modi) का मतलब ‘हैलो मोदी’ है।



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