Employment in Smaller Cities

छोटे शहरों में बड़े अवसर 👍भविष्य यहाँ है

बड़े शहरों से छोटे शहरों में रोजगार का स्थानांतरण: बदलता भारतीय संदर्भ

भारतीय अर्थव्यवस्था में रोजगार के अवसर बड़े शहरों से छोटे शहरों की ओर स्थानांतरित हो रहे हैं। यह स्थानांतरण विभिन्न कारणों से हो सकता है, इसमें कुछ प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं:

  1. कम शुरुआती लागत: छोटे शहरों में व्यवसाय की शुरुआत करने की लागत बड़े शहरों के मुकाबले कम होती है। किराया, कर, और श्रम की लागत छोटे शहरों में कम होती है जिससे बड़े व्यवसायी अपना व्यापार मध्यम और छोटे शहरों में उत्तरोत्तर ले जा रहे है . जिससे यहाँ रोजगार की सम्भावना बढ़ रही है .
  2. अधिक उपलब्धता: मध्यम एवं छोटे शहरों में भूमि, श्रमिक, किराये के मकान और स्थानीय समर्थन की अधिक उपलब्धता होती है, जिससे यह व्यापारियों को उत्पादन और सेवा प्रदान करने की लगत कम करता है .
  3. तकनीकी प्रगति: डिजिटल युग के आगमन के साथ, बड़े संस्थानों को उच्च तकनीकी क्षमता वाले युवा अब छोटे शहरों में भी उपलब्ध हो रहे हैं। छोटे शहर के आफिस में भी रह कर वे महानगरों या विदेशों के आफिस से कनेक्ट होकर उसी सरलता से कार्य कर लेते है जैसे एक ही परिसर में रह कर कार्य कर रहे हों .
  4. कनेक्टिवटी : सड़कों के जाल, तीव्र गामी रेल , एयर कनेक्टिविटी , से मध्यम एवं छोटी जगह बड़े शहरों से सीधे जुड़ गए है . विद्युत् और पानी की उपब्धता भी भरपूर है जिससे छोटी जगहों में भी व्यापारिक और औद्योगिक संस्थान लगाना फायदे का सौदा बन गया है .
  5. काम की अनुपस्थिति: बड़े शहरों में लोगों को अक्सर अधिक काम के प्रस्ताव मिलते हैं, लेकिन यहां परिवार और व्यक्तिगत जीवन की गुणवत्ता पर असर पड़ता है। छोटे शहरों में रहना और काम करना अधिक सुखद और तनाव रहित होता है .
  6. जीवनस्तर: बड़े शहरों के जीवनस्तर की बढ़ती क़ीमत से लोग परेशान है, इसलिए वे छोटे शहरों में जाकर अपने लिए अधिक आरामदायक और कम खर्चीला जीवन जीना पसंद कर रहे हैं। छोटे शहरों में प्रदुषण ट्रैफिक की भी समस्या कम होती है .
  7. कार्यस्थल की गुणवत्ता: छोटे शहरों में कार्यस्थल की गुणवत्ता बढ़ती जा रही है, जिससे यहां पर भी उच्च वित्तीय समाधान और पेशेवर वृत्तियाँ उपलब्ध हो रही हैं .
  8. सरकारी नीतियाँ: सरकार की नीतियाँ इस स्थिति को प्रभावित करती हैं। सरकारी योजनाओं के माध्यम से बड़े शहरों से छोटे शहरों में उद्योगों के विस्तार और रोजगार के अवसरों को और ज़्यादा बढ़ावा दिया जा सकता है।.

महानगरों से छोटे शहरों में रोजगार का स्थानांतरण उपरोक्त तथ्यों पर निर्भर करता है, इससे देश की समग्र अर्थव्यवस्था में संतुलन और समृद्धि को बढ़ावा मिल सकता है.

— Prof. Sitaram Soni

Professor & Director IQAC, FLAME University, Pune.

Dr. Sitaram Soni is having 35 years of Academics, Research and Industry experience, in India and abroad. He received PhD in Mechanical Engineering, and is Alumni of IIT Bombay, IIT Delhi, IIIT and JEC Jabalpur.

FLAME University, Pune.

Comments

2 responses to “Employment in Smaller Cities”

  1. anil Gupta avatar
    anil Gupta

    सोनी सर,आपका लिखा आर्टिकल पूर्णतः तार्किक हे,आज के परिपेक्ष में,धन्यवाद

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