Internet :
- दुनिया के सभी Computer केवल Under Cable, Satelite के माध्यम से एक दूसरे से Conneted रहते है। इन Conneted Computer से एक दूसरे कम्प्यूटर कि जानकारी आपस में साझा कि जा सकती है। कम्प्यूटर को इस विश्वव्यापी नेटवर्क को www (Word Wide Web) या Internet कहते है।
- जब हमारा मोबाइल या कम्प्यूटर केबल या Wi-fi कि सहायता से इस कम्प्यूटर के नेटवर्क में जुड़ता है तो इस इन्टरनेट से जोड़ना या Online होना कहते है। Online होने पर हम दुनिया के किसी भी कम्प्यूटर में उपस्थित जानकारी एक दूसरे से साझा कर सकते है।
वेब ब्राउज़र
वेब ब्राउज़र एक प्रकार का सॉफ्टवेयर होता है । इससे विश्वव्यापी वेब या स्थानीय सर्वर पर उपलब्ध पाठ्य सामग्री , चित्रों, चल-छित्रों, संगीत और अन्य जानकारियों को देखने तथा अन्य इन्टरनेट सुविधाओं का उपयोग कर सकते हैं।
वेब पृष्ठ एच.टी.एम.एल. नामक कंप्यूटर भाषा में लिखे जाते है, तथा वेब ब्राउजर एच.टी.एम.एल. पृष्ठों को उपभोक्ता के कंप्यूटर पर दर्शाता है। व्यक्तिगत कंप्यूटरों पर प्रयोग होने वाले कुछ मुख्य वेब ब्राउजर हैं – इन्टरनेट एक्स्प्लोरर, मोजिला फ़ायरफ़ॉक्स, सफारी, ऑपेरा और गूगल क्रोम, इत्यादि। वेब ब्राउजरो के स्मार्टफोन संस्करण एच.टी.एम.एल. पृष्ठों को उपभोक्ता के मोबाइल पर प्रदर्शित करते हैं ।
सन १९९१ में टिम बर्नर ली ने कई तकनीकों के संयुक्त प्रयोग से वेब ब्राउजर की नींव रखी थी। इस वेब ब्राउजर का नाम वर्ल्ड वाइड वेब रखा गया था, जिसे लघुनाम में WWW भी कहते हैं। पृष्ठ को यूआरएल (यूनीफॉर्म रिसोर्स लोकेटर) से इन्टनेट में खोजा जाता है। यही यू.आर.एल वेब पते के तौर पर जाना जाता है। इस वेब पते का आरंभ अंग्रेज़ी के अक्षर-समूह htpt से होता है। कई ब्राउजर एचटीटी के अलावा दूसरे यूआरएल टाइप और उनके प्रोटोकॉल जैसे गोफर, एफटीपी आदि को सपोर्ट करते हैं।
वर्ल्ड वाइड वेब (World Wide Web)
WWW डाक्यूमेंट्स का समूह होता है जो आपस में एक दूसरे से hypertext से जुड़े हुए होते है | hypertext document में टेक्स्ट, इमेज, ध्वनि आदि का समावेश होता है WWW internet की एक सेवा है| WWW का प्रयोग सबसे पहले Tim Berners Lee ने 1989 में CERN प्रयोगशाला में किया | वर्ल्ड वाईड वेब मे सूचनाओ को वेबसाईट के रूप मे रखा जाता है। ये वेबसाइटे वेब सर्वर पर “हाईपरटैक्स्ट फाइलो” के रूप संग्रहित होती है। “वर्ल्ड वाईड वेब” की प्रणाली में प्रत्येक वेबसाइट को एक विशेष नाम दिया जाता है। उसी नाम से उसे वेब पर पहचाना जाता है।
WWW का पूरा नाम वर्ल्ड वाइड वेब (World Wide Web) है। इन्टरनेट और वर्ल्ड वाइड वेब का आपस में गहरा सबंध है जो दोनों एक दुसरे पर निर्भर हैं। “वर्ल्ड वाइड वेब” जानकारियों का भण्डार होता है। जो लिंक्स के रूप में होती है। यह एक ऐसी तकनीक है जिससे संसार भर के कंप्यूटर एक दुसरे से जुड़े हुए हैं। वर्ल्ड वाइड वेब HTML , HTTP , वेब सर्वर और वेब ब्राउज़र पर काम करता है।
किसी वेबसाइट के नाम को उसका URL (Uniform Resource Locator) भी कहा जाता है। जब हम किसी वेबसाइट को खोलना चाहते है ताेे ब्राउजर के पते वाले बाॅक्स या एड्रेस बार मे उसका नाम या URL टाइप कर दिया जाता है। इसी नाम की सहायता से ब्राउजर प्रोग्राम, उस सर्वर तक पहुचता है, जहाॅ वह फाइल या वेबसाइट स्टोर की गयी है, और वहां से वेबपेज प्राप्त करने के बाद हमारे कम्प्यूटर की सक्रीन पर प्रर्दशित कर देता है। उस वेबसाइट पर कई हाइपरलिंक भी हो सकती है। ये हाइपरलिंक किसी अन्य वेबपेज या वेबसाइट के URL होते है। उस लिंक को क्लिक करने पर ब्राउजर उसी वेबपेज या वेबसाइट तक पहुचकर उसे उपयोगकर्ता को उपलब्ध करा देता है। इस प्रकार उपयोगकर्ता किसी वेबसाइट को देख सकता है, जिसका URL या Name उसे पता हो।
URL (यूनिफार्म रिसोर्स लोकेटर)
URL का फुल फॉर्म Uniform Resource Locator होता है जो किसी website या वेबसाइट के पेज को रिप्रेजेंट करता है, या आपको किसी वेब पेज तक ले जाता है। यूआरएल इन्टरनेट में किसी भी फाइल या वेब साईट का एड्रेस होता है | URL की शुरुआत Tim Berners Lee ने 1994 में की थी |
किसी वेबसाइट का अद्वितीय नाम या पता, जिससे उसे इंटरनेट पर जाना, पहचाना और उपयोग किया जाता है, उसका URL कहा जाता है। इसे Uniform Resource Locator भी कहा जाता है। किसी वेब पते का सामान्य रूप निम्न प्रकार होता है।
यहाॅ type उस सर्वर का type बताता है, जिससे वह फाइल उपलब्ध है और Address उस साइट का पता बताता है। उदाहरण के लिये एक वेब पोर्टल के URL http://www.yahoo.com मे http सर्वर का type है और www.yahoo.com उसका पता है। जब हम किसी वेबसाइट को खोलना चाहते है तो इसका URL पते के बाक्स मे टाइप किया जाता है। यदि कोई सर्वर टाईप नही दिया जाता, तो उसे http मान लिया जाता है। हम किसी वेब पेज का पाथ उसकी वेबसाइट के यूआरएल मे जोडकर उस वेब पेज को सीधे भी खोल सकते है।
किसी वेबसाइट का पूरा URL इन सभी भागो के बीच मे डाॅट (.) लगाकर जोडने से बनता है। केवल प्रोटोकाॅल के नाम के बाद एक कोलन (:) और दो स्लेश (//) लगाये जाते है, जैसे-http://www.yahoo.com।
Parts of URL:-
- HTTP:- पहला भाग http यानि hypertext transfer protocol होता है जिसकी मदद से इटरनेट पर डाटा Transfer होता है|
- Domain Name:- दूसरा भाग होता है domain name जो कि किसी particular वेबसाइट का पता (address) होता है|
- WWW:- यह एक सर्विस है |
- Yahoo:- यह संस्था का नाम है |
- .com :- यह डोमेन एक्सटेंशन होता है, जो यह दर्शाता है की वेबसाइट किस प्रकार की है |
IP Address (Internet protocal) :-
- यह अंको के चार समूह के रूप में होते है।
- जैसे – 364.001.422.222
- Web Browser DNS [ Domain name Service ] कि मदद से URLको IP Adderss में बदल देता है।
Search Engine :-
वेबसाइट मे सर्च इंजन एक अत्याधिक लोकप्रिय तथा सुविधाजनक प्रोग्राम है। सर्च इंजन एक ऐसा प्रोग्राम है जो इंटरनेट पर उपलब्ध सूचनाओ मे से किसी विशेष सूचना को ढूढकर हमारी स्क्रीन पर प्रदर्शित करता है। किसी संस्था, कंपनी, कालेज , विश्वविद्यालय इत्यादि के बारे मे हमे कोई जानकारी प्राप्त करनी है तो इसके लिये हम Search Tool का प्रयोग करते है। तथा इनमे से जिसके बारे मे विस्तृत जानकारी प्राप्त करना चाहते है वह जानकारी प्राप्त कर सकते है। विभिन्न प्रकार के निम्नलिखित सर्च इंजन इंटरनेट पर उपलब्ध है|
Ex- Google, Bing. , Yahoo, Ask.com, AOL.com, Baidu, Wolframalpha. DuckDuckGo.
Wikipedia:-
एक Free विश्वकोश है जो हर किसी व्यक्ति द्वारा Edit या लिखा जा सकता है। इस ऑनलाइन विश्वकोश में लाखों करोड़ों लेख लोगों ने विभिन्न Topics पर लिखा है। Wikipedia के Articles 270 से भी ज्यादा भाषाओँ में मौजूद हैं। www. wikipedia.com Website मे जाकर किसी भी तरह की जानकारी प्राप्त कि जा सकती है।
विकिपीडिया का Hindi Version भी ऑनलाइन मौजूद है। Wikipedia का नाम हवाई भाषा के शब्द से लिया गया है (इसका अर्थ है Wiki=जल्दी)। विकिपीडिया के Article को और भी अच्छा और शिक्षाप्रद बनाने के लिए दुनिया भर से लाखों Volunteer या स्वयंसेवक अपना योगदान देते हैं।
Online News Paper :-
वर्तमान में लगभग सभी Media house के समाचार पत्र या Media channel Online उपलब्ध है। अधिकतर Media ग्रुप के कुछ New site हम free में देख सकते है। कुछ free Registration कि मॉग करते है। तो कुछ एक साधारण सा Subscription fees लेकर अपना News itemहमे उपलब्ध करा देते है।
समाचार पत्र ऑनलाइन कैसे पढ़ा जाए (How to Read Newspaper Online):-
- ऑनलाइन समाचार पत्रों को मुफ्त में पढ़ने के लिए, समाचार पत्र वेबसाइटों और समाचार पत्रों के ऑनलाइन अभिलेखागार की खोज करें।
- एक विषेश समाचार पत्र की खोज के लिए, समाचार पत्र का नाम Search Engine में टाइप करें और Search पर क्लिक करें। सूची से समाचार पत्र वेबसाइट का चयन करें।
- एक मुद्रित समाचार पत्र में कई भाग होते हैं इसी तरह ऑनलाइन समाचारपत्र में भी कई भाग होते हैं और प्रत्येक खंड के भीतर विषयों की जानकारी होती हैं। जैसे – देश विदेश, मनोरंजन, खेल, राजनीति, फ़िल्मी दुनिया आदि विस्तारित सेक्शन मेनू से, वह विषय चुनें जिसे आप पढ़ना चाहते हैं।
- कुछ वेबसाइटों में सेक्शन मेनू के पास एक सर्च बॉक्स होता है। बॉक्स में शब्द दर्ज करें और एंटर या सर्च दबाएं।
Google Services :-
Google मानचित्र क्या है (What is Google Map):-
Google Map एक वेब-आधारित सेवा है जो भौगोलिक क्षेत्रों और दुनिया भर की जगहों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करती है। पारंपरिक सड़क मानचित्रों के अतिरिक्त, Google Map कई स्थानों के हवाई और उपग्रह चित्र प्रदान करता है। कुछ शहरों में, Google Map वाहनों से ली गई तस्वीरों सहित सड़क दृश्य दिखा देता है। Google Map को 2005 में रिलीज़ किया गया था। आज इसके1 अरब से अधिक सक्रिय उपयोगकर्ता हैं, ।
Google Map कई सेवाएं प्रदान करता है। यह एक चालक, बाइक, वॉकर और सार्वजनिक परिवहन के उपयोगकर्ता जो एक स्थान से दूसरे स्थान पर यात्रा करना चाहते हैं उनके लिए दिशा-निर्देश प्रदान करता है।
गूगल डॉक्स क्या है? (What is Google Docs?):-
Google docs एक निःशुल्क वेब-आधारित एप्लिकेशन है जिसमें डॉक्यूमेंट और स्प्रैडशीट्स को ऑनलाइन बनाया जा सकता है । हम उनमे सुधार करके उन्हें Save भी कर सकते हैं। इंटरनेट कनेक्शन के साथ किसी भी कंप्यूटर से फ़ाइलें एक्सेस की जा सकती हैं। Google docs Google द्वारा प्रदान किए गए और उससे जुड़े ऑनलाइन एप्लिकेशन के व्यापक पैकेज का हिस्सा है। Google docs में कई लोग मिलकर किसी फाइल या शीट पर कार्य कर सकते हैं।
Google docs के यूजर formulas, lists, tables और images के साथ टेक्स्ट बना सकते है। विभिन्न फोंट और फ़ाइल फॉर्मेट में दस्तावेज़ों और स्प्रैडशीट्स को Import, Create, edit और Update कर सकते हैं। Google docs से बने डाक्यूमेंट अधिकांश प्रेजेंटेशन सॉफ्टवेयर और वर्ड प्रोसेसर प्रोग्राम में काम कर सकते है।
You tube:-
Google द्वारा उपलब्ध की गई इस सुविधा में video upload किए जा सकते है। दूसरो द्वारा upload किए गए video देखे जा सकते है। youtube में विभिन्न प्रकार के शैक्षणिक (Academic) व मनोरंजक video उपलब्ध है।
Google news:-
Google search engine में उपलब्ध इस option से online उपलब्ध news या जानकारी प्राप्त कर सकते है।
G-Mail:-
ये Google कि free email email सुविधा है। इसमें हम अपना mail account बना सकते है। दूसरो के द्वारा भेजा गया mail पढ़ सकते है और उन्हें reply भी कर सकते है। कोई भी document attach करके भेज सकते है।
Google drive:-
Google द्वारा उपलब्ध इस सुविधा में online storage कि जगह उपलब्ध कराई जाती है। इसमें हम अपने documents , photo , video इत्यादि सुरक्षित रख सकते है। 15GB तक की जगह Google free उपलब्ध कराता है ज्यादा जगह कि जरूरत होने पर हम Google से space खरीद सकते है।
Online Ticket Booking:-
Internet कि सहायता से bus, railway, flight, कि टिकिट बुकिंग online कि जा सकती है। railway कि ticket www.irctc.co.in पर book की जा सकती है। यह railway कि अधिकृत website है। ticket बुक करने के लिए इस website में हमें अपना account बनाना होता है। जिसके बाद id और password डालकर login करते है।
- Plane your journey पर click करके खुले हुए page में form भरना पड़ता है। जिसमें गन्तव्य स्थान (Destination) यात्री का नाम, उम्र, लिंग, [M/F] , पता, seat, birth ,mobile no., train नाम या दिनांक आदि type करके submit बटन दबाते है।
- अगले पेज में पैसे भुगतान Credit, debit card या net banking, paytm / google pay से कर दिया जाता है।
- Railway द्वारा sms से ticket का Pnr No. बुक कि हुई बर्थ कि सुविधा सुचना हमें दी जाती है। ticket कि hard copy भी हम online download कर सकते है।
Online Pan Card:-
- Pan card एक आवश्यक दस्तावेज है जो इनकम टैक्स रिर्टन (ITR) बैंक में खाता खोलने के लिए अनिवार्य है। Pan बनाने के लिए हम website से घर बैठे आवेदन कर सकते है।
- Website पर apply online के option पर click करने पर निम्न options form में भरे जायेंगे।
Options:-
- Application type
- Category
- Title
- Last mane of the surname
- Date of birth
- E-mail and mobile No.यह सभी fill करने के बाद capcha code डालकर submit button पर click करेंगे।
form submit होने के बाद एक token number generate होता है। जिसके बाद कुछ और अतिरिक्त सूचनाए fill करने के बाद एक window खुलेगी जिसमें online payment कर दिया जाएगा। pan card courier service के द्वारा form में दिए गए पते पर पहुच जाएगा।
Online Passport:-
Online passport बनाने के लिए निम्न steps follow करेंगे:–
- Passport सेवा कि website में जाऐंगे।
- जिस State and city पर हम है वहा के passport office select करेंगे।
- Register button पर click करेंगे।
- चाही गई जानकारी भरकर अपना Id और password बना लेंगे।
- Login window में जानकर बनाए गए id और password से account में login करेंगे।
- Apply online पर click करेंगे।
- यहा दो विकल्प मिलेंगे-
- (a) Online form भरने का या (b) form download करके passport office भेजने का।
- Online form भरने के लिए online form पर click करेंगे।
- अगले Step में चार चरणो में व्यक्तिगत जानकारी reference भरना पड़ेगा।
- Form भरने के बाद submit बटन पर click करेगें। online payment करेंगे।
- सामान्य passport के लिए 1500 Rs. और urgent passport के लिए 3000 Rs. fees जमा होती है।
- इसमे online form में मागी गई date पर पासपोर्ट आफिस जाकर original दस्तावेज जमा करे देंगे।