Unit I-Operating System (windows 8.1)

Unit I
Unit II
Unit III
  • Advance feature of MS word
  • Graphics
  • Mail Merge
Unit IV
  • MS Excel
  • Formatting
  • Chart
Unit V
  • MS Power Point
  • Outlook Express

हार्डवेयर क्‍या है :- 

हार्डवेयर कम्‍प्‍यूटर के बाहरी और आंतरिक उपकरणों को कहते है। ये कम्‍प्‍यूटर के भौतिक भाग होते है। इन उपकरणों के द्वारा कम्‍प्‍यूटर इनपुट, आउटपुट, स्टोरेज, संचार, प्रोसेसिंग जैसे बहतु से प्रमुख कार्य करने में सक्षम होते है। कंप्यूटर हार्डवेयर दो प्रकार के होते हैं: बाहरी और आंतरिक। मानीटर , माउस , कीबोर्ड , हार्ड डिस्‍क, रैम , मदरबोर्ड , प्रासेसर जैसे कम्‍प्‍यूटर के हिस्‍से हार्डवेयर कहलाते है।

सॉफ़्टवेयर क्‍या है :-

सॉफ़्टवेयर के द्वारा कम्‍प्‍यूटर हार्डवेयर केा निर्देश दिया जाता है, कि उसे क्‍या करना है, और कैसे करना है। किसी विशेष कार्य को करने के लिए निर्देषों के समूह को प्रोग्राम कहते है, एक सॉफ़्टवेयर में बहुत से छोटे छोट प्रोग्राम हो सकते है, जो समुहिक रूप से मिलकर एक बड़ा कार्य कर सकते है । कम्‍प्‍यूटर के प्रोग्राम एवं मोबाइल के एप सॉफ़्टवेयर कहलाते है।

Software के प्रकार निम्‍नलिखित है:-

Application Software :- 

 “एप्लिकेशन सॉफ़्टवेयर” कम्‍प्‍यूटर उपयोग करने वाले के लिए विशिष्ट कार्य करता है। एप्लिकेशन सॉफ़्टवेयर को यूजर सीधे उपयोग करता है । एप्लिकेशन सॉफ़्टवेयर का उद्देश्य किसी विशिष्‍ट कार्यों को करने में उपयोगकर्ता को  सहायता प्रदान करना है।

माइक्रोसॉफ्ट वर्ड एक्सेल, फ़ायरफ़ॉक्स और गूगल क्रोम वेब ब्राउज़र, मोबाइल ऐप्स व्हाट्सएप और कैंडी क्रश सागा जैसे गेम एप्लिकेशन सॉफ़्टवेयर के उदाहरण हैं।

लोकप्रिय सेवाओं के ऐप जैसे मौसम या परिवहन जानकारी, ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस), ग्राफिक्स, मल्टीमीडिया, प्रेजेंटेशन सॉफ्टवेयर, डेस्कटॉप पब्लिशिंग सॉफ्टवेयर इत्यादि  अप्लिकेशन  सॉफ्टवेयर के उदाहरण हैं।

System software –

सिस्टम सॉफ़्टवेयर का उपयोग हार्डवेयर के साथ इंटरैक्ट करने के लिए किया जाता है। ये सॉफ़्टवेयर अन्य सॉफ़्टवेयर के लिए एक प्लेटफ़ॉर्म प्रदान करते है। सिस्टम सॉफ़्टवेयर हार्डवेयर और उपयोगकर्ता के बीच माध्‍यम के रूप में कार्य करता है।ये आमतौर पर कंप्यूटर निर्माताओं द्वारा तैयार किए जाते हैं। इस सॉफ़्टवेयर में निम्न-स्तरीय भाषाओं में लिखे गए प्रोग्राम भी आते हैं,

ऑपरेटिंग सिस्टम, एंटीवायरस सॉफ़्टवेयर, डिस्क फ़ॉर्मेटिंग सॉफ़्टवेयर, कंप्यूटर भाषा अनुवादक, डिवाइस ड्राइवर इत्‍यादि सिस्टम सॉफ़्टवेयर के उदाहरण हैं।

Operating system:-

ऑपरेटिंग सिस्‍टम एक ‘सिस्‍टम Software’ है जो कम्‍प्‍यूटर का आन्‍तरिक संचालन करता है। यह कम्‍प्‍यूटर को हमारे उपयोग के लिए तैयार करता है। यह कम्‍प्‍यूटर स्‍टार्ट करने पर बूट प्रोग्राम द्वारा कंप्यूटर में लोड होता है ।

यह कंप्यूटर के हार्डवेयर एवं अन्य सभी एप्लिकेशन प्रोग्राम को संचालित करता है। उपयोगकर्ता कमांड-लाइन इंटरफ़ेस (सीएलआई) या ग्राफिकल यूआई (जीयूआई) के माध्यम से ऑपरेटिंग सिस्टम को निर्देश दे सकते है ।

Window 8.1:-

ऑपरेटिंग सिस्‍टम एक सिस्‍टम Software है जो कम्‍प्‍यूटर का आन्‍तरिक संचालन करता है। यह कम्‍प्‍यूटर को हमारे उपयोग के लिए तैयार करता है। यह कम्‍प्‍यूटर स्‍टार्ट करने पर बूट प्रोग्राम द्वारा कंप्यूटर में लोड होता है ।

  • Window 8.1 एक ऑपरेटिगं सिस्‍टम है जिसे माइक्रोसॉफ्ट कम्‍पनी ने बनाया है।
  • विंडो ऑपरेटिंग सिस्‍टम में प्रोग्राम एक विंडो में खुलते है।
  • एक साथ कई प्रोग्राम अलग- अलग विंडो में खोले जा सकते है। इसलिए इसे विंडो ऑपरेटिंग सिस्‍टम कहते है।
  • पुराने ऑपरेटिंग सिस्‍टम में (Dos Based) कम्‍प्‍यूटर को कमाण्‍ड या निर्देश टाइप करके दिया जाता था।
  • जिसके कारण हमे सारे कमाण्‍ड याद रखने पड़ते थे। विंडो ऑपरेटिंग सिस्‍टम के विकास के बाद हम कम्‍प्‍यूटर को निर्देश मानीटर पर आइकॉन के उपर  क्लिक करके दे सकते  है।
  • विंडो 8.1 में पुराने विंडो के संस्‍करण विंडो 8 तक की सभी सुविधाए उपलब्‍ध है, यह ज्‍यादा एडवांस और स्‍टेबल है। इसमे नए ऑनलाइन फीचर और सिक्‍योरिटी जोड़ी गई है।
  • इसका इन्‍टरफेस नया है। इसमे लाइव टाइल और हॉट कॉर्नरस की सुविधाए दी गई है।
  • हमारें प्रोग्राम को सुरक्षित रखने व वायरस से बचाने के लिए विंडो डिफेन्‍डर एन्‍टीवायरस उपलब्‍ध कराया गया है।

Tiles या Live Tiles:-

ये  चौकोर या आयताकार शेप के होते है । टाइल शेप होने के कारण इन्‍हें  टाइल कहते है । विंडो 8.1 में  ये स्‍टार्ट स्‍क्रीन में ग्रिड के पैटर्न में उपस्थित होते है।  ये विंडो-८ में उपलब्‍ध एप को प्रदर्शित करते है, जैसे – Desktop applications, Web Pages, Explorer folder locations या विंडो स्‍टोर में उपलब्‍ध अन्‍य सुविधायें ।

टाइल में कई तरह की आवश्‍यक जानकारी मिल जाती है जैसे इमेंल एप्लिकेशन में आये न पढे गये मेल की सूची .वर्तमान तापमान ,मौसम की जानकारी, कैलेंडर अप्लिकेशन से एप्‍वाइमेंट की सूची ।

Hot corner:-

विंडो 8.1 में हॉट कॉर्नर का उपयोग करके नेविगेट किया जा सकता है, स्‍क्रीन के कोने पर माउस को घुमाने पर एक टूलबार या टाइल होता है, जिसे क्लिक कर सकते है। प्रत्‍येक कार्नर से अलग अलग कार्य होते है –

Lower Left :-  निचले बायें काने के हॉट कॉर्नर पर क्लिक करके स्‍टार्ट स्क्रीन पर वापस  आ सकते है ।

Uper Left :-  उपरी बायें कोने पर क्लिक करके पिछले एप पर जा सकते हैं।  

Charms Bar:-

विंडोज 8.1 में चार्म्स बार एक ऐसा आसान  विकल्‍प है जिसके उपयोग से  किसी सामग्री की खोज, साझा करने, स्‍टार्ट स्‍क्रीन पर जाने, किसी दूसरी डिवाइस  पर सामग्री भेजने और ऐप्स की सेटिंग्स बदली जा सकती है ।

 इसमें समय, तारीख, बैटरी की स्थिती, इंटरनेट की उपलब्‍धता प्रर्दशित होती है। इसकी विंडो बटन से स्‍टार्ट स्‍क्रीन पर जा सकते है। 

चार्मस बार पर दाहिनी किनारे पर स्‍वाइप , माउस हावर करके या Windows-C, बटन प्रेस करके जाया जा सकता है।

कर्सर को द‍ाहिने कोने पर रखकर उपर या नीचे स्‍क्रीन के केंद्र की ओर सरकाकर भी चार्मस बार ओपन कर सकते है।  कुछ चार्मस के कुछ शार्ट कट भी होते हैं। टेबलेट में इसे चार्मस बार खोलने के लिए राइट से Swip कर सकते है।

सर्च चार्म –

कंप्यूटर, सेटिंग्स, फ़ाइलों या किसी विंडोज 8 स्टाइल ऐप के अंदर  खोजने के लिए इस चार्मस  का उपयोग करते हैं । ड्रॉप-डाउन मेनू खोलकर और जिस विकल्प से आप खोजना चाहते हैं उसे चुनकर बस अपना इच्छित विकल्प चुनें: To use the Search चार्म का उपयोग सभी जगह से करने के लिये Windows-Q या Windows-S प्रेस करें । Search चार्म का शार्टकट Windows-W है। files सर्च करने का शार्ट कट Windows-F है।

शेयर चार्म –

शेयर चार्म का उपयोग अधिकांश ऐप्स से दस्तावेज़ शेयर करने के लिये होता है। सभी ऐप्स से स्क्रीनशॉट और विंडोज स्टोर ऐप्स में  स्टोर पेज के लिंक साझा करने के लिए इस चार्म का उपयोग कर सकते हैं ।  अपना विकल्प चुनने के बाद, उस ऐप के नाम पर क्लिक करें जिसे जानकारी भेजना हैं:
Share Charm का शार्टकट Windows-H है।

Devices Charm  –

इस चार्म की सहायता से सामग्री दूसरी डिवाइस में भेजी जाती है।  प्‍ले आप्‍शन से आडियो फाइल किसी दूसरी डिवाइस में चलाइ जा सकती है। प्रिंट आप्‍शन से फाइल प्रिंट कर सकते है। प्रोजेक्‍ट आप्‍शन से प्रोजेक्‍टर उपयोग किया जा सकता है।   Windows-K  Devices Charm खोलने का शार्टकट है।  

The Settings Charm –

इससे एप की सेटिंग में जाया जा सकता है। वे संटिंग जो पहले प्रिफरेंसेस के अंदर थी सेटिंग चार्मस के अंदर है। इसमें internet, sound, screen brightness, notifications, shutdown , restart, और  keyboard के आप्‍शन होते है। Settings Charm का शार्टकट  Windows-I है।

How to start, login, logoff, Hibernate, Shutdown, Restart:-

स्‍टार्ट करना :-

कम्‍प्‍यूटर स्‍टार्ट करने की प्रोसेस को बूटिंग कहते हैं। सीपीयू का स्‍वीच ऑन करने पर कम्प्‍यूटर अपने पार्टस चेक करता हैं,  इसके  बाद ऑपरेटिगं सिस्‍टम को बूटस्‍टेप लोडिंग की मदद से लोड करता हैं।

इस प्रक्रिया में कम्‍प्‍यूटर प्रोसेसर की क्षमता के अनुसार कुछ सेकेण्‍ड से कुछ मिनट तक का समय लगता हैं, इस प्रक्रिया  को बूटिंग कहते हैं।

शट डाउन:-

स्‍टार्ट बटन मे जाकर शट डाउन ऑप्‍सन पर क्लिक करने से कम्‍प्‍यूटर के बंद होने की प्रक्रिया शुरू होगी, जिसमे कम्‍प्‍यूटर क्रम से अपने खुले हुए सॉफ्टवेयर को बंद करेगा, एंव ऑपरेटिगं सिस्‍टम को अनलोड करेगा । इसके बाद कम्‍प्‍यूटर पावर आफ कर देगा।

रिस्‍टार्ट करना:-

कुछ शाफटवेयर आवश्‍यकता के अनुसार कई बार कम्‍प्‍यूटर के शट डाउन करके दुबारा तुरंत रिस्‍टार्ट करना पड़ता है। शटडाउन के नीचे रीस्‍टार्ट बटन से इसे किया जाता है।

start –> shut down –> restart–> ok

Hibernate करना :-

यह ऑप्‍सन लेपटॉप में उपलब्‍ध होता हैं जब कभी लेपटॉप काफी देर बाद उपयोग करना है तो इस ऑप्‍सन का प्रयोग करते हैं। कम्‍प्‍यूटर हाइबरनेट करने के पश्‍चात दुबारा ओपन करने पर अपनी पुरानी स्थिति में वापस स्‍टार्ट होता हैं। अर्थात  हाइबरनेट करते समय जो भी प्रोग्राम और फाइल ओपन थी वह दुबारा ओपन हो जाएगी।

लागिन –

अगर किसी एक कम्‍प्‍यूटर को एक से ज्‍यादा लोग प्रयोग कर रहे हैं तो सभी यूसर अपना अलग अलग एकाउंट बना सकते है। इससे यूसर एक दूसरे की फाइल नहीं देख सकता । यूसर अपना एकाउंट स्‍टार्ट होते समय लागिन करना पड़ता है।  इसके लिये उसे अपना आइडी एवं पासवर्ड डालना पड़ता है। कार्य समाप्‍त होने पर वह स्‍टार्ट स्‍क्रीन के लागआउट बटन केा प्रेस करके अपने एकाउंट को क्‍लोस कर देता है। दूसरा यूसर अपना आई डी एवं पासवर्ड डालकर अपने एकाउंट में लागिन होकर कार्य करेगा।

डेस्‍कटॉप बैकग्राउण्‍ड:-

  • कम्‍प्‍यूटर स्‍टार्ट होने पर जो पहली स्‍क्रीन दिखती हैं उसे डेस्‍कटॉप कहते हैं।
  • इस स्‍क्रीन पर हम अपनी पंसद की फोटो सेट कर सकते है। इस पिक्‍चर, कलर या फोटो को डेस्‍कटॉप बैकराउण्‍ड कहते हैं।
  • डेस्‍कटॉप  बैकराउण्‍ड चेंज करने के लिए स्‍क्रीन की ख़ाली जगह पर राइट क्लिक करे ओपन हुए डॉयलाग बॉक्‍स या मेन्‍यू पर में डेस्‍कटॉप बैकराउण्‍ड में क्लिक करे।
  • ब्राउज करके अपनी पंसद की फोटो सलेक्‍ट करे।
  • इमेज पर राइट क्लिक करे खुले हुए ऑप्‍सन में सेट एस वॉलपेपर पर क्लिक करे।

Start –> Control Panel –>  Personalization  –>  background –> chose your picture

स्‍क्रीन सेवर:-

जब कभी हम कम्‍प्‍यूटर को खाली छ़ोडते हैं तो उसकी स्‍क्रीन पर कोई पिक्‍चर या फोटो टेक्‍स्‍ट रोटेट करता हुआ दिखाई देता है इसे स्‍क्रीन सेवर कहते हैं।

        Start –>  setting–> personalization –>Lock screen –> select screen saver setting

डेस्‍कटॉप थीम :-

यह एक कस्‍टमाइज ग्राफिकल यूजर इन्‍टफेस है, जो कम्‍प्‍यूटर के ऑर्डनरी साउण्‍ड, आइकॉन, पॉइन्‍टर, वॉल पेपर, या स्‍क्रीन सेवर को एक साथ अपनी पंसद के अनुसार बदल सकते हैं।

        Start –>  setting–> personalization –>Themes–> change theme –> chose theme

फाइल:-

यह एक आब्‍जेक्‍ट है जिसमे कम्‍प्‍यूटर किसी प्रोग्राम के साथ बनाए गए डाटा, सूचना, सेंटिग या निर्देश को सेव करके रखता है। जिस अप्लिकेशन  में फाइल बनाई जा रही है उसी के अनुसार उस फाइल का इक्‍सटेंशन  बन जाता है।

aruncomputer.txt    –>  notepad   में बनी ,

aruncomputer.doc   –>  MS Word   में बनी 

arun.xls  –>   Ms Excel  में बनी

arun.jpg    –>   Image  File

फोल्‍डर:-

यह एक विशेष प्रकार की फाइल है जिसमे अन्‍य फाइल और फोल्‍डर रखे जा सकते है।

  • फोल्‍डर एक ऐसा आब्‍जेक्‍ट है, जिसमे कई दस्‍तावेज हो सकते है।
  • फोल्‍डर के उपयोग से जानकारी को व्‍यवस्थित किया जाता है।
  • फोल्‍डर किसी दूसरे फोल्‍डर के अंदर या डायरेक्‍ट्री में रहता है।

नया फोल्‍डर बनाना :-

  1. जिस जगह ड्राइव, डायरेक्‍ट्री या फोल्‍डर के अंदर फोल्‍डर बनाना है वहॅा पर ब्राउज करके जाएगे।
  2. खाली स्‍थान पर माउस से राइट क्लिक करेगे।
  3. खुली हुई ड्रॉप डाउन मेन्‍यू से नए फोल्‍डर New Folder पर क्लिक करेगे।
  4. नया फोल्‍डर बन जाएगा उसके आइकॉन पर नीचे कर्सर आयेगा यहां फोल्‍डर का  नाम टाइप करेगें।

फाइल या फोल्‍डर डिलीट करना :-

  1. जिस फाइल या फोल्‍डर को डिलीट करना है ब्राउज करके उस तक जाएगे।
  2. फोल्‍डर या फाइल पर राइट क्लिक करेगे।
  3. खुले हुए ड्रॉप डाउन मेन्‍यू से डिलीट बटन पर क्लिक करेगे।
  4. Conformation Window में Ok/yes पर क्लिक करेगे। — > Or
  5. फाइल फोल्‍डर सलेक्‍ट करके Keyboard से डिलीट बटन दबा देगे।
  6. Yes/Ok Click करेगे।

Right click on folder –> press delete button on dropdown menu –> ok /yes

फाइल या फोल्‍डर को मूव और कॉपी करना:-

  1. फाइल या फोल्‍डर को एक स्‍थान से दूसरे स्‍थान पर ले जाने के लिए Cut/Paste का उपयोग करते है।
  2. कॉपी करके दूसरी जगह Paste करने पर फाइल दोनो स्‍थान पर रहेगी।
  3. Cut करके Paste करने पर फाइल पहले स्‍थान से हट कर नई जगह पर Paste हो जाएगी।
  4. जिस फाइल या फोल्‍डर को Move करना है उस पर राइट क्लिक करके Cut/Copy ऑप्‍सन सलेक्‍ट करेगे।
  5. जिस जगह फाइल या फोल्‍डर को ले जाना है वहॉ राइट क्लिक करेगे ड्रॉप डाउन मेन्‍यू से Paste Option select करेगे।

फोल्‍डर Rename करना:-

  1. फाइल या फोल्‍डर पर राइट क्लिक करेगे।
  2. ड्रॉप डाउन मेन्‍यू से Rename Option पर क्लिक करेगे।
  3. कर्सर फाइल या फोल्‍डर के नाम पर Blink करने लगेगा।
  4. पुराना नाम मिटाकर नया नाम टाइप करेगे।

Right click on folder –> press rename button on dropdown menu –> type new name

Short Cut बनाना :-

  1. जिस फाइल का Short cut बनाना है उस पर राइट क्लिक करेगे।
  2. Drop down menu से Send to desktop option पर क्लिक करेगे।

Recycle Bin :-

यह हमारे ऑपरेटिंग सिस्‍टम में एक विशेष प्रकार का फोल्‍डर होता है। हमारे द्वरा डिलीट की गई फाइल या फोल्‍डर Recylcle Bin में चला जाता है।

भविष्‍य में आवश्‍यकता पड़ने पर डिलीट की हुई फाइल Recycle Bin से Restore कि जा सकती है।

Recycle Bin के अंदर जाकर फाइल या फोल्‍डर को Permanently या स्‍थाई रूप से डिलीट किया जा सकता है। ‘Empty Recycle Bin’ Option से Recycle Bin में उपस्थित सभी फाइल एक साथ डिलीट हो जाती है।

Exam Question :

1- विडोज ऑपरेटिंग सिस्‍टम और इसकी बुनियादी विशेषताओं को परिभाषित कीजिए। – मई (2025)

2- विंडोज ऐक्‍सेसरीज में परिभाषित कोई पॉंच  टूल्‍स विस्‍तार से लिखिए। –मई (2025)

3-विडोंज में कट्रोंल पैनल के महत्‍व को समझाइए। –मई (2025)

4- कैश मेमोरी का कार्य क्‍या है? –मई (2025)