भाजपा का दिनांक ४ से ११ फ़रवरी तक चलने वाला  “गाँव चलो अभियान” क्या केवल एक चुनावी कार्ययोजना है ?

यह कार्यक्रम , बूथ लेवल से लेकर उच्चतम पद पर बैठे कार्यकर्ताओं को, भारत के 7 लाख गावों की ज़मीनी हक़ीक़त से अवगत होने  का एक मौक़ा भी देगा  !

 कल जब यही कार्यकर्ता नीति नियंता बनेंगे तो ये  अपने देश की ज़मीनी हक़ीक़त से अवगत रहेंगे।

आजादी के 75  साल बाद भी आधे गांव गरीबी में डूबे हुए हैं। 

500 से अधिक आबादी वाले लगभग 1,60,000 गांवों में अभी भी आंतरिक सड़क नहीं हैं,

 80,000 गांव बिजली के बिना हैं और

 2,30,000 गांव टेलीफोन कनेक्टिविटी के बिना हैं।

 1,00,000 से अधिक गांवों में उचित स्कूल भवन और बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं हैं

  2,17,000 गांव में  अभी भी पानी की गुणवत्ता की समस्या हैं।

बीजेपी कार्यकर्ताओं के देश भर के सात लाख  गाँव जाने से – 

1. ग्रामीण इलाकों के अंतिम पायदान तक संपर्क से  बीजेपी की स्वीकार्यता बढ़ेगी और बीजेपी का वोट बैंक मज़बूत होगा ।

2. ग्रामीण समाज को सशक्त बनाने का संदेश जाएगा , जिससे  उनका विश्वास बीजेपी में और बढ़ेगा।

3. यह अभियान बीजेपी के नेताओं को लोगों के बीच पहुँचने का,  और उनकी समस्याओं को सुनने का मौका देता है, उससे नेताओं की समस्याओं की  ज़मीनी समझ बढ़ेगी 

इस अभियान के सफल होने से बीजेपी के  हर बूथ में 51 प्रतिशत वोट के लक्ष्य प्राप्त होने में मदद मिलेगी ।

रीवा में विधायक उप मुख्यमंत्री माननीय राजेंद्र शुक्ला जी रीवा के लौवा सगरा गाँव में आज दोपहर से कल दोपहर तक २४ घंटे का प्रवास करेंगे ।


Comments

3 responses to “Gaon Chalo Campaign”

  1. Bahut shandar

    1. Thanks 🙏

    2. Pratyush singh bharti avatar
      Pratyush singh bharti

      जय सिया राम

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