
Rewa City
भारत के ‘मध्य प्रदेश’ के मध्य में स्थित एक जीवंत शहर रीवा में आपका स्वागत है। रीवा अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, आश्चर्यजनक प्राकृतिक परिदृश्य और गर्मजोशी भरे आतिथ्य के साथ ,परंपरा और आधुनिकता का एक अनूठा मिश्रण है।
रीवा शहर अपने ऐतिहासिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है । रीवा का शानदार किला इस क्षेत्र के शाही अतीत के प्रमाण है। यहाँ पर्यटक राजवंशों की आकर्षक कहानियों में डूब सकते हैं ,और किले की दीवारों पर सजी जटिल वास्तुकला को देखकर आश्चर्यचकित हो सकते हैं।
प्रकृति प्रेमी रीवा के चारों ओर की हरी-भरी हरियाली और प्राकृतिक सुंदरता से मंत्रमुग्ध हो जाएंगे। टमस नदी के शांत तटों से लेकर बांधवगढ ,पन्ना राष्ट्रीय उद्यान के विशाल जंगलों तक, देखने के लिए प्राकृतिक आश्चर्यों की कोई कमी नहीं है। वन्यजीव प्रेमी सफ़ेद शेर ,बाघ, तेंदुए और विदेशी पक्षी प्रजातियों सहित क्षेत्र के विविध जीवों की एक झलक पाने के लिए पन्ना एवं बांधवगढ़ में टाइगर रिसर्व एवं रीवा की व्हाइट टाइगर की रोमांचक सफारी पर जा सकते हैं।
आध्यात्मिक शांति चाहने वालों के लिए, रीवा प्राचीन मंदिरों और पवित्र स्थलों से भरपूर है, ये शहरी जीवन की हलचल से शांति और सकून प्रदान करते हैं। यहाँ आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित भगवान शंकर का मंदिर, जिसे पांचवां मठ या पचमठा मंदिर कहा जाता है। किले का महामृत्युंजय मंदिर , भगवान् चिरहुला नाथ मंदिर , माँ कालिका का तालाब मंदिर , नजदीक ही माँ शारदा का मैहर मंदिर , भगवान् श्रीराम का तपोवन चित्रकूट, खजुराहो के मंदिर अपने शांत वातावरण और आध्यात्मिक आभा से दूर-दूर से भक्तों को आकर्षित करता है।
चाहे आप इतिहास प्रेमी हों, प्रकृति प्रेमी हों, या सांस्कृतिक प्रेमी हों, रीवा में हर किसी के लिए कुछ न कुछ है। आएं और इस मनमोहक गंतव्य की शाश्वत सुंदरता और आकर्षण का पता लगाएं, जहां हर सड़क का कोना एक कहानी कहता है और हर पल एक यादगार स्मृति बन जाता है। आज ही रीवा शहर की अपनी यात्रा की योजना बनाएं और खोज और आश्चर्य की यात्रा पर निकलें।
रानी तालाब मंदिर
रानी तालाब मंदिर, रानी तालाब के किनारे स्थित है और रीवा के स्थानीय लोगों के लिए धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व का धरोहर है।
यह मंदिर माँ धारिणी माँ को समर्पित है, जिन्हें इस क्षेत्र की प्रमुख देवी माना जाता है। मंदिर की स्थापना कालांक 1916 में की गई थी और इसे रानी तालाब के पास स्थानीय लोगों द्वारा निर्मित किया गया था।
इस मंदिर में रीवा विधायक माननीय राजेंद्र शुक्ल जी द्वारा एक बार वृहद् भंडारे का एवं नवरात्री में भंडारा एवं देवी जागरण का कार्यक्रम प्रतिवर्ष होता है। मंदिर के आस-पास शांति और साधना के लिए आध्यात्मिक वातावरण वाला एक बड़ा पार्क है।


श्री चिरहुलानाथ मन्दिर :
चिरहुला नाथ मंन्दिर रीवा नगर के चिरहुला में प्रसिद्ध हनुमान मन्दिर है। यह मन्दिर एक सिद्धपीठ है, जहाँ प्रति मंगलवार एवं शनिवार को कई हजार नागरिक दर्शन के लिये आते हैं। इस मन्दिर का निर्माण रीवा के तत्कालीन नरेश महाराज भाव सिंह के शासन काल में हुआ था। कहा जाता है कि श्री चिरहुलानाथ हनुमान जी की स्थापना अखाडघाट के महन्त सुखदेवदास (रामदास) के शिष्य हनुमान दास ने की थी। श्री हनुमान दास को हनुमान जी की कृपा प्राप्त थी।
वर्तमान में मंदिर से लगे एक बड़े तालाब का विकास रीवा विधायक माननीय राजेंद्र शुक्ल जी ने एक पर्यटन स्थल के रूप में करा दिया है ,मन्दिर की देखरेख और विकास श्री चिरहुलानाथ मन्दिर निर्माण समिति रीवा द्वारा कराया जा रहा है। मन्दिर परिसर में 12 जोर्तिलिंग मंन्दिर तथा हवन मण्डप का निर्माण कराया गया है। चिरहुला मन्दिर के समीप ही रामसागर तथा खेमसागर हनुमान मन्दिर भी स्थित हैं
महामृत्युञ्जय नाथ का मंदिर
रीवा में महा मृत्युञ्जय नाथ का मंदिर किले में स्थित है यहाँ बसंत पंचमी और शिवरात्रि को मेला लगता है। रीवा रियासत के महाराजा भाव सिंह ने इसे बनवाया था
सावन के महीने में प्रदेश भर से तो लोग यहां दर्शन के लिए आते ही हैं, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और बिहार से भी लोग मनोकामना लेकर पहुंचते हैं। यहां रुक कर सावन में महामृत्युंजय मंत्र का जाप और अनुष्ठान कराते हैं।


व्हाइट टाइगर सफारी
व्हाइट टाइगर सफारी में, आपको रीवा के जंगली क्षेत्रों में सफारी करते हुए व्हाइट टाइगर को देखने का अद्भुत अनुभव मिलता है। इन टाइगर्स को अपने प्राकृतिक आवास में देखने के लिए आपको एक जंगली रास्ता पर ले जाया जाता है, जहां आप उन्हें उनकी प्राकृतिक गतिविधियों के दौरान देख सकते हैं।
वमुकुंदपुर के जंगलों में दुनिया का पहला सफेद बाघ 1951 में रीवा राजा महाराजा मार्तंड सिंह द्वारा देखा गया था। जिसे बाद में जिन्दा पकड़ कर सफ़ेद शेरों की प्रजाति विकसित की गयी जो आज दुनिया के कोने कोने में फ़ैली हुई है
रीवा को मध्य प्रदेश का सबसे विकसित और समृद्ध शहर बनाना है , मध्य प्रदेश को भारत का सबसे विकसित और समृद्ध राज्य बनाना है –

राजेंद्र शुक्ल
उप मुख्य मंत्री मध्य प्रदेश शासन



