कन्ट्रोल यूनिट (Control Unit):-
कट्रोल यूनिट, कंप्यूटर की सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट(CPU) का एक भाग है । यह प्रासेसर के अंदर का एक सर्किट होता है। यह इनपुट आउटपुट को नियंत्रित करता है। यह प्रोग्राम से निर्देश प्राप्त करके ALU में भेजता है । ALU, निर्देश के अनुसार गड़ना करके परिणाम को “CU” में भेज देता है । CU इस परिणाम को आउटपुट यूनिट में भेज देता है जहां से यूज़र इसे प्राप्त कर लेता है । एक “सीयू” आमतौर पर कोडित निर्देशों को समय और नियंत्रण संकेतों में परिवर्तित करने के लिए एक बाइनरी कोड का उपयोग करता है ।

ए.एल.यू (Arithmetic Logic Unit):-
“अर्थमेटिक लॉजिक यूनिट” (Arithmetic Logic Unitसी.पी.यू. या कंप्यूटर “प्रोसेसर” का एक हिस्सा होता है । इसे संक्षेप में ए.एल.यू. कहते हैं। ALU डाटा पर अर्थमेटिक ऑपरेशन्स (जोड़, घटाव, गुणा, भाग) और लॉजिकल ऑपरेशन्स करता है। इसमे ऐसा इलेक्ट्रानिक सर्किट होता है, जो “बानइरी अंकगणित” कि गणनाऐं करने में सक्षम होता है। ए.एल.यू. सभी गणनाओं को पहले सरल अंकगणितीय क्रियाओं में बाँट लेता है। जैसे ए.एल.यू. गुणा करने के लिये, गुणा को बार-बार जोड़ने कि क्रिया में बदल लेता है, और बाद में इन्हें विधुत पल्स के रूप में बदलकर, सर्किट में आगे भेज कर पूर्ण करता है।
इनपुट डिवाइस (Input Device):-
इन डिवाइस की सहायता से डाटा को कम्प्यूटर के अन्दर ले जाते है। यूजर अपनी कमाण्ड तथा इनफॉरमेसन इनपुट डिवाइस के माध्यम से कम्प्यूटर के अंदर भेजता है। जिससे कम्प्यूटर को यह पता चल सके कि यूजर के द्वारा क्या कार्य करने के लिए निर्देश दिया गया है। जैसे- माउस , कीबोर्ड, डिजिटल पेन, टच स्क्रीन, स्कैनर, डजिटल कैमरा, माइक्रोफोन, ज्वाय स्टिक इत्यादि .

आउटपुट डिवाइस( Output Device):-
इनपुट किये गये डाटा को, कम्प्यूटर प्रोसेसिंग यूनिट के द्वारा प्रोसेस करने के बाद, रिजल्ट को आउटपुट यूनिट के द्वारा यूसर के सामने प्रस्तुत करता है। जैसे – मानीटर, प्रिंटर, स्पीकर, हेड फोन, प्रोजेक्टर , प्लाटर इत्यादि ।
कम्प्यूटर के इनपुट एव आउटपुट उपकरणों के द्वारा ही यूसर कम्प्यूटर से संचार करता है।

मेमोरी (Memory) स्टोरेज डिवाइस:-
कम्प्यूटर की मेमोरी (Memory) यूनिट में डाटा को स्टोर किया जाता है । डाटा और इन्सट्रक्सन को वास्तविक प्रोसेसिंग आरंभ होने से पहले स्टोरेज डिवाइस में स्टोर किया जाता है। सभी कम्प्यूटर के मेमोरी यूनिट में, दो प्रकार की मेमोरी होती है।
- प्राइमरी मेमोरी:–इसे इंटरनल मेमोरी या मेन मेमोरी भी कहते है । प्राइमरी मेमोरी प्रत्यक्ष रूप से सी.पी.यू. के प्रोसेसर से सीधे जुड़ी रहती है। यहां डाटा केा अस्थायी रूप से रखा जाता है। पावर आफ होने के बाद यहां से डाटा नष्ट हो जाता है। स्पीड ज्यादा होने के कारण प्रोसेसर यहां से डाटा तुरंत एक्सेस कर लेता है। कम्प्यूटर के प्रासेसर वास्तविक रूप से प्राइमरी मेमोरी में उपलब्ध स्थान पर ही कार्य करते है।
रैम, रोम, कैच मेमोरी, रजिस्टर , PROM, EPROM, इत्यादि प्राइमरी मेमोरी के उदाहरण है

2. सेकण्डरी मेमोरी:– इसे स्थायी मेमोरी कहते है। इन्हें ऑक्सीलिअरी या इक्सटरनल मेमोरी भी कहा जाता है । ये सीपीयू से सीधे नहीं जुडी होती है। सेकेंड्री मेमोरी से डाटा प्रासेस होने के लिये पहले प्राइमरी मेमोरी में जाता है फिर यहां से प्रासेसर इस डाटा को एक्सेस करते है। इसका प्रयोग प्राइमरी मेमोरी की छमता को बढाने के लिये किया जाता है। ये मेमोरी प्राइमरी मेमोरी से सस्ती होती हैं। प्राइमरी मेमोरी की सीमित मेमोरी तथा डाटा मिट जाने वाली समस्या को इससे दूर किया जाता है ।
हार्ड डिस्क, फलापी डिस्क , मैगनेटिक टेप इसके उदाहरण हैं।
( मंहगी , स्पीड ज्यादा ) सीपीयू रजिस्टर -> कैच मेमोरी -> प्राइमरी या मेन मेमोरी -> सेकेंड्री मेमोरी (सस्ती, स्पीड कम )
मदर बोर्ड या मेन सर्किट बोर्ड:-
मदरबोर्ड मदर बोर्ड कम्प्यूटर का मुख्य प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (PCB) होता है । कम्प्यूटर के कई अन्य भाग मदरबोर्ड से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े रहते है। CPU, डीवीडी राइटर, ग्राफिक कार्ड, हाई ड्राइव, प्रोसेसर, माउस, की बोर्ड, यह सभी कंप्यूटर पार्ट्स मदरबोर्ड के साथ में जुड़े होते हैं.!
मदर बोर्ड, सिस्टम के कई दूसरे महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक हिस्सों , जैसे सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट (CPU) और मेमोरी के बीच संचार को बनाता है, और अन्य बाह्य उपकरणों को जोड़ने के लिए कनेक्टर प्रदान करता है।

प्रोसेसर/CPU:-
यह एक ऐसी डिवाइस है जो इनपुट डिवाइस द्वारा इनपुट किए डाटा,निर्देश या Information को, या कम्प्यूटर के अंदर Store Information को डिजिटल प्रोसेसिंग करती है।
CPU का फुल फॉर्म “Central Processing Unit” होता है इसको ही कंप्यूटर का प्रोसेसर माना जाता है। यह कंप्यूटर का बहुत ही महत्वपूर्ण भाग होता है। इसको कंप्यूटर का माइंड भी कह सकते हैं। यह सभी निर्देशों को सही तरीके से प्रोसेस करता है और फिर आउटपुट को रिजल्ट के रूप में मॉनिटर पर प्रदर्शित करता है । डाटा को प्रोसेस कराना, ग्राफिक्स दिखाना व इंटरनेट जैसे प्लेटफार्म से संचार स्थापित करना इत्यादि कार्य सीपीयू द्वारा ही संभव होते है। CPU को कई प्रकार के नाम से भी जाना जाता है। जैसे- processor, central processor, एवं microprocessor.

रजिस्टर:-
कम्प्यूटर निर्देश सी.पी.यू. के द्वारा एक्जिक्यूट किए जाते है। निर्देशों को एक्जिक्यूट करने के लिए सूचनाओं का आदान प्रदान होता है। प्रोसेसर से सूचनाओं को तेज स्पीड से आदान प्रदान करने के लिए कम्प्यूटर के प्रासेसर में ही एक मेमोरी यूनिट होती है । इस मेमोरी यूनिट को रजिस्टर कहते है। रजिस्टर मेन मेमोरी के भाग नही होते है, इनमें भी सूचनाऍ अस्थाई रूप से स्टोर रहती है। यह कम्प्यूटर की सबसे ज्यादा फास्ट मेमोरी होती है।
रजिस्टर के प्रकार:-
1. मेमोरी ऐड्रस रजिस्टर (एम.ए.आर) –
यह कम्प्यूटर निर्देश की उपस्थित मेमोरी लोकेशन को स्टोर करता है।
2.मेमोरी बफर रजिस्टर (एम.बी.आर) –
यह रजिस्टर मेमोरी से पढ़े गए या लिखे गए किसी शब्द के कंटेन्ट को स्टोर करता है।
3. प्रोग्राम कंट्रोल रजिस्टर (पी.सी.आर) –
यह रजिस्टर एक्जियूक्ट होने वाले अगले निर्देश का ऐड्रस स्टोर करता है।
4.एक्यूमलेटर रजिस्टर (ए.आर) –
यह रजिस्टर एक्जियूक्ट होते हुए डाटा को, उसके माध्यमिक रिजल्ट व अंतिम रिजल्ट को स्टोर करता है ये रजिस्टर सूचनाओं के एक्जिक्यूशन के समय प्रयोग होते है।
5. इन्ट्रक्शन रजिस्टर (आई.आर) –
यह रजिस्टर एक्जियूक्ट होने वाली सूचना को स्टोर करता है।
6. इनपुट/आउटपुट रजिस्टर (आई/ओ.आर) –
यह रजिस्टर विभिन्न इनपुट/आउटपुट डिवाइस के मध्य सूचनाओं के आवागमन के लिए ।