Unit-V-Funda-DOS command

डॉस कमाण्‍ड :-

DOS में कार्य करने के लिए दो तरह की कमाण्ड होती हैं :- 1. आंतरिक कमाण्ड      2. बाहय कमाण्ड

1- आंतरिक कमांड (Internal Command) :-

ये वे कमांड हैं, जो कंप्यूटर की मेमोरी में तब तक उपस्थित रहती हैं, जब तक कंप्यूटर को स्विच ऑफ नहीं किया जाता। ये कमांड ऑपरेटिंग सिस्टम के अंदर COMMAND.COM या CMD.EXE फाइल में रहती हैं।

जैसे — DIR, MD, CD, RD, COPY, COPY CON, DEL, REN आदि।

जब तक कंप्यूटर चालू रहता है, तब तक इन कमांडों का उपयोग कभी भी किया जा सकता है।

DIR Command:- यह कमांड किसी डायरेक्‍ट्री में फाइल और सब डायरेक्‍ट्री कि सूची प्रदर्शित करता है।

Syntax- C:>Dir<Directory name >

Ex.- C :> MD ABC

MD Command:- इस कमांड का उपयोग नयी डायरेक्‍ट्री बनाने के लिए किया जाता है।

Syntax- C:>MD<Directory name >

Ex.-C :> MD ABC

CD Command:- इस कमांड का उपयोग डायरेक्‍ट्री बदलने  के लिए किये जाता है।

Syntax- C:>CD<Directory name >

Ex.-C :> CD ABC

RD Command :- इस कमांड का उपयोग डायरेक्ट्री मिटाने के लिए किया जाता है।

Syntax- C:>RD<Dir name >

Ex.-C :> RD ABC

COPY Command:- इस कमांड के द्वारा हम किसी भी फाइल कि डुप्लिकेट फाइल बना सकते है।

Syntax 1- C:>COPY<File name ><New Name>

Ex.-C :> COPY ABC XYZ.

Syntax 2- C:>Copy<PathFile name ><Target Drive>

Ex.-C :> Copy DELHI D:

COPY CON Command :-इस कमांड का यूज नयी फाइल को बनाने के लिए किया जाता है।

Syntax- C:>Copy Con<File name >

Ex.-C :>Copy Con ABC.txt

DEL Command:-इस कमांड का यूज फाइल को डिस्‍क से हटाने के लिए किया जाता है।

Syntax- C:>Del<Dir name >

Ex.-C :> Del ABC.txt

REN Command:- इस कमांड का यूज फाइल का नाम बदलने के लिए किया जाता है।

Syntax- C:>REN<Old File name ><New File Name>

Ex.-C :> REN ABC.txt xyz.txt

2- बाह्य कमांड (External Command) :-

इस प्रकार की कमांड को फ्लॉपी डिस्क या हार्ड डिस्क में अलग से स्टोर करके रखा जाता है। ये COMMAND.COM फाइल का हिस्सा नहीं होती हैं। जब इन कमांडों की आवश्यकता होती है, तब इन्हें एक्सीक्यूट किया जाता है।

जैसे — TREE, FORMAT, SORT, FDISK, MODE, ATTRIB, HELP, SYS आदि।

TREE Command:-

इसकी सहायता से डायरेक्‍ट्री एवं फाईल को ट्री फारमेट में देख सकते है।फाईल को देखने  के लिये स्विच/F का प्रयोग किया जाता है।

Syntax- C :> TREE [Switch] [path]

Ex.-C :> TREE/F Micro

FORMAT Command :-

इस कमांड का प्रयोग डिस्‍क को फार्मेट करने के लिये किया जाता है। इसके साथ इसके स्विच का भी प्रयोग कर सकते है। जिससे अलग- अलग तरीके से फार्मेटिंग कर सकते है। इस कमांड का प्रयोग तब किया जाता है जब पूरी डिस्‍क के डाटा को एक साथ हटाना होता है। /Q इस स्विच का प्रयोग क्विक फार्मेट करने के लिये किया जाता है।

Syntax- C :> FORMAT [Switch] Drive Name:

Ex.-C :> FORMAT / Q d:

SORT Command :-

इस कमांड की सहायता से फाइल के मेटर को कॉलम के आधार पर सार्ट कर सकते हैं। एवं सार्टेड कनटेन को देख सकते एवं नई फाइल में सेव कर सकते है।

Syntax- C :> Sort File Name or Sort File Name>>new file Name

Ex.-C :> Sort computer

FDISK Command :-

इस कमांड से डिस्‍क के पार्टीशन को डिलीट किया जाता है। और नये पार्टीशन को बनाया भी जा सकता है। इस कमांड को बहुत सावधानी एवं ध्‍यानपूर्वक चलाना चाहिये ।

MOVE Command:-

इस कमाण्‍ड की सहायता से किसी भी फाइल को एक स्‍थान से दूसरे स्‍थान पर मूव कर सकते है मूव होने के बाद १ फाइल मूवड मैसेज आता है।

Syntax- Move <Source address/File Name><Destination Address>

ATTRIB Command:-

इस कमांड की सहायता से फाइलऔर फोल्‍डर के attribute को देख सकते है।और बदल सकते हैं।

Syntax- C :> Attrib +/- attribute [Path/FILE or directory Name]

Help Command:

इस कमाण्‍ड की सहायता से एम.एस.डास ई कमाण्‍ड हेल्‍प देख सकते है ।    

            Syntax: – C:>HELP <Command name>

            Or

            C:>Command Name/?

Sys Command: –

इस कमाण्‍ड का यूज बूटेबल डिस्‍क का निर्माण करने के लिए किया जाता है। इससे बूटेबल फाइल डिस्‍क में किया जाता है। प्रोसेस पूर्ण होने के बाद सिस्‍टम ट्रासफर्ड मैसेज आता है जो यह दर्शाता है कि डिस्‍क टेबल बन चुकी है। बूटेबल डिस्‍क से कम्‍प्‍यूटर को चालू किया जा सकता है।

            Syntax- C:>Sys A:

ओपन-सोर्स सॉफ्टवेयर :-

ओपन-सोर्स सॉफ्टवेयर ऐसा सॉफ्टवेयर होता है, जो सोर्स कोड के साथ वितरित किया जाता है। इसके सोर्स कोड को उपयोगकर्ता पढ़, संशोधित तथा विकसित कर सकते हैं। इसका सोर्स कोड इंटरनेट पर निःशुल्क उपलब्ध होता है।

जैसे — Linux, Apache HTTP Server, LibreOffice।

प्रोपराइटरी सॉफ्टवेयर :-

प्रोपराइटरी सॉफ्टवेयर, जिसे क्लोज्ड-सोर्स सॉफ्टवेयर भी कहा जाता है, एक कॉपीराइटेड सॉफ्टवेयर होता है। इसका उपयोग सीमित होता है तथा इसका सोर्स कोड सामान्यतः सुरक्षित रखा जाता है। यह सॉफ्टवेयर उसके मालिक या निर्माता की संपत्ति होता है तथा उपयोगकर्ता या संस्थाएँ इसे पूर्व निर्धारित शर्तों के अंतर्गत उपयोग करती हैं।

जैसे — Microsoft Windows, Microsoft Office, Adobe Photoshop।

ARUN COMPUTER

error: Content is protected !!