इनपुट डिवाइस Input Device:-
इनपुट डिवाइस, हमारे निर्देशो या आदेशो को कम्प्यूटर के मस्तिष्क, सी.पी.यू. तक पहुचाते है जैसे – की-बोर्ड, माउस, स्कैनर, ज्वायस्टिक इत्यादि।
की बोर्ड:-
की- बोर्ड कम्प्यूटर का एक पेरीफेरल डिवाइस होता है। यह टाइपराइटर के कीबोर्ड की तरह होता है। की-बोर्ड को टेक्स्ट तथा कैरेक्टर इनपुट के लिए डिजाइन किया गया हैा। कम्प्यूटर के आपरेशन्स को की बोर्ड से नियंत्रित भी किया जाता है।
की-बोर्ड की बटनों को 6 भागों में बाटा गया है –
1. एल्फा न्यूमेरिक कीज 2. न्यूमेरिक की पैड 3. फक्सन कीज 4. विशिष्ट उदेदशीय कीज 5. माडीफायर कीज 6. कर्सर मूमेंट कीज
अल्फा न्यूमेरिक कीज:-
अल्फा न्यूमेरिक कीज, कीबोर्ड के केन्द्र में स्थित होती है। इनमें वर्ड माला (A-Z या a-z), न्यूमेरिक अक्षर (0-9), विशेष चिन्ह (~, !, @, #, $, %, ^, &, *, ( ), +, |, \, =, -) होते है।
इस सेक्शन में कीबोर्ड के बटन की व्यवस्था को क्वेरिटी कहते है, क्योंकि इस सेक्सन की सबसे ऊपरी पंक्ति में “QWERTY”अक्षर होते है।
इस सेक्सन में अंको, चिन्हों तथा वर्णमालाओं के अतिरिक्त चार टैब बटन , कैप्स लाक, बैकस्पेस तथा इंटर बटन कुछ विशिष्ट कार्यों के लिए होते है।

न्यूमेरिक कीपैड:-
न्यूमेरिक कीपैड में लगभग 17 बटन होती है। 0-9 तक के अंक, गणितीय ऑपरेटर, ऐरो कीज तथा कुछ विशेष कीज (होम, पेजअप, पेजडाउन, इण्ड, इन्स, इंटर तथा डेल) होती है।
विशेष कीज का संचालन नम लाक (NUM lock) को आन या आफ करके किया जा सकता है। यह कम्प्यूटर पर कैलकुलेटर कीज की तरह कार्य करता है।
फंक्सन कीज:-
कीबोर्ड के सबसे उपर, एफ1, एफ2, …. से लेकर एफ12 तक कुल 12 बटन फ़ंक्शन कीज होती है। इन कीज से विभिन्न निर्देशो को शार्टकट के रूप में प्रयोग किया जाता है।
इन कीज के कार्य साफ्टवेयर के अनुसार बदलते रहते है। जैसे एफ1 की हेल्प के लिए प्रयोग होती है।
विशिष्ठ उद्वेशीय कीज:-
उन्नति किस्म के साफ्टवेयरों के विकास के बाद कीबोर्ड भी कई विशेष प्रकार की बटन के साथ उपलब्ध हो रहे हैं। ये कीज नये आपरेटिंग सिस्टम के कुछ विशेष कार्यो के अनुरूप होती है जैसे, स्लीप, पावर, वॉल्यूम, स्टार्ट, शार्टकट इत्यादि।
माडीफायर कीज:-
इसमें तीन कीज होती है जिसके नाम शिफ्ट, आल्ट, कंट्रोल है। इनको अकेला दबाने पर कोई खास कार्य नही होता है। परन्तु जब अन्य किसी कीज के साथ इनका प्रयोग होता है तो ये उन कीज के इनपुट को बदल देती है, इसलिए ये माडीफायर कीज कही जाती है।
कर्सर मूवमेंट कीज:-
इसमें चार प्रकार के कीज होते है जैसे– अप, डाउन, लेफ्ट तथा राइट बटन। इनका प्रयोग कर्सर को स्क्रीन पर मूव कराने हेतु किया जाता है। इन कीज को न्यमेरिक कीपैड पर भी उपयोग कर सकते है। इनका प्रयोग तभी किया जा सकता है जब नम लाक आन हो।
कीबोर्ड के प्रकार:-
1. वायरलेस कीबोर्ड 2. वायर्ड कीबोर्ड 3. अरगॉनॉमिक कीबोर्ड
वायरलेस कीबोर्ड :-
इस प्रकार के कीबोर्ड में डाटा तथा कमाण्ड को सी.पी.यू. तक ट्रांसफर करने के लिए तार का उपयोग नही किया जाता । इसलिए इसे वायरलेस कीबोर्ड कहते है। इन कीबोर्ड में इनपुट को सी.पी.यू. तक ले जाने के लिए तरंगो का उपयोग किया जाता है।
वायर्ड की-बोर्ड :-
इस प्रकार के की बोर्ड यूजर द्वारा दिये जा रहे इनपुट, कमांड को सी.पी.यू. तक ले जाने के लिए तार का उपयोग किया जाता है।
अरगॉनॉमिक की बोर्ड :-
इस प्रकार के कीबोर्ड सामान्य पारम्परिक की-बोर्ड की अपेक्षा उपयोगकर्ता को टाइपिंग के लिए अधिक सहजता से कार्यबकर्ने की सुविधा प्रदान करते है।
माउस:-
माउस एक पॉइन्टिंग इनपुट डिवाइस हैं। माउस को समतल सतह पर चलाने से कम्प्यूटर स्क्रीन पर कर्सर भी उसी दिशा में चलने लगता है। माउस बटन को दबा कर या क्लिक करके, किसी ऑब्जेक्ट को सलेक्ट किया जा सकता है या निर्देश दिया जा सकता है। सामान्यतया माउस में तीन बटन लेफ्ट, राइट और स्क्राल बटन होती है।

माउस के प्रकार:-
1. मैकेनिकल माउस 2.ऑप्टिकल माउस 3.तार रहित माउस
मैकेनिकल माउस:-
मैकेनिकल माउस के निचले भाग में रबर की एक गेंद लगी होती है। जब माउस को सपाट सतह पर घुमाते है तो वह अपने खोल के अंदर धूमती है। माउस के अंदर गेंद के घूमने से उसके अंदर के सेन्सर्स कम्प्यूटर को संकेत देते है।
ऑप्टिकल माउस:-
ऑप्टिकल माउस एक नये प्रकार का नॉन मैकेनिकल माउस है। प्रकाश का एक पुंज या किरण ऑप्टिकल माउस की नीचली सतह से उत्सर्जित होता है। इसी किरण के परार्वतन के आधार पर यह ऑब्जेक्ट की दूरी तथा गति परिर्वतित होती है।
तार रहित माउस:-
मैकेनिकल माउस के निचले भाग में रबर की एक गेंद लगी होती है। जब माउस को सपाट सतह पर घुमाते है तो वह उस खोल के अंदर धूमती है। माउस के अंदर गेंद के घूमने से उसके अंदर के सेन्सर्स कम्प्यूटर को संकेत देते है।
ट्रैकबाल:-
ट्रैकबाल एक प्वांइंटिंग इनपुट डिवाइस है। यह माउस की तरह कार्य करता है। इसमे एक उभरी हुई गेंद होती है तथा कुछ बटन होते है। ट्रेक बाल पकड़ते समय गेंद पर अंगूठा होता है, तथा उंगलियों उसके बटन पर होती है। स्क्रीन पर प्वाइंटर को घुमाने के लिए अंगूठा से उस गेंद को घुमाते है।
ट्रैकबाल को माउस की तरह घुमाने की आवश्यकता नहीं होती । इसलिए यह कम जगह घेरता है। इसका प्रयोग लैपटाप, मोबाइल तथा रिमोट में किया जाता है।
जॉयस्टिक:-
यह डिवाइस वीडीयो गेम खेलने के काम आने वाला इनपुट डिवाइस है। इसका प्रयोग बच्चो द्वारा गेम खेलने के लिये किया जाता है। यह बच्चो को कम्प्यूटर सिखाने का आसान तरीका है।
वैसे तो कम्प्यूटर के सारे खेल की-बोर्ड द्वारा खेले जाते है परन्तु कुछ खेल तेज गति से खेले जाते है, उन खेलों में बच्चे अपने आप को सुविधाजनक महसूस नही करते है इसलिए जॉयस्टिक प्रयोग किया जाता है।
स्कैनर:-
स्कैनर एक इनपुट डिवाइस है। यह फोटोग्राफिक प्रिंट, पोस्टर, पत्रिका पृष्ठों और इसी तरह के स्रोतों से छवियों को कैप्चर करके कम्प्यूटर में भेज देता है। बाद में कंप्यूटर से इन छवियों को सुधार या प्रदर्शित किया जा सकता है। स्कैनर किसी कागज से इमेज को डिजिटल फार्मेट में परिवर्तित करके कम्यूटर में भेजते है ।

डिजिटाइज़र टैबलेट:-
Dizitizing Tablet या ग्राफ़िक्स टैबलेट एक इनपुट डाटा डिवाइस हैं। यह दबाव पड़ने पर प्रतिक्रिया देती है, अर्थात यह प्रेसर सेंसिटिव होता है। उपयोगकर्ता स्टाइलस नामक एक विशेष पेन या ‘पक’ नामक माउस जैसी डिवाइस के साथ छवियों को सलेक्ट कर सकता है या बना सकता है।
पक्स में कई बटन और क्रॉसहेयर वाला एक लेंस होता है। जिससे अधिक सटीकता के साथ छवियों को सलेक्ट किया जा सकता है। पेन और पक वायरलेस डिवाइस हो सकते हैं या फिर तारों के माध्यम से डिजिटाइज़र टैबलेट से जुड़े हो सकते हैं।
इस डिवाइस का उपयोग मुख्य रूप से ड्राइंग, स्केच आदि इनपुट करने के लिए किया जाता है । इसका उपयोग कैड(कम्प्यूटर एडेड डिजाइन) के लिए इमारतों के डिजाइन, ऑटोमोटिव डिजाइन और मानचित्रों के डिजाइन आदि के लिए होता है।
मैग्नेरटिक इंक कैरेक्टनर रिकोग्निशन MICR:-
इसका व्यापक रूप से बैंकिग में उपयोग होता है, जहॉं लोगो को चेकों की बड़ी संख्या के साथ काम करना होता है। इसे संक्षेप में एम.आई.सी.आर. कहते है। एम.आई.सी.आर. का प्रयोग चंम्बकीय स्याही से छपे कैरेक्टर को पढ़ने के लिये किया जाता है। यह मशीन तेज एवं स्वचलित होती है साथ ही इसमें गलतियां होने की संभावना बिल्कुल न के बराबर होती है।
ऑप्टिकल कैरेक्टंर रिकॉग्नीकशन OCR:-
यह एक ऐसी तकनीक है, जिसका प्रयोग किसी विशेष प्रकार के चिन्ह, अक्षर, या नंबर को पढ़ने के लिये किया जाता है। इन कैरेक्टर को प्रकाश स्त्रोत के द्वारा पढ़ा जाता है। ओ.सी.आर उपकरण टाइपराइटर से छपे हुए कैरेक्टर, कैश रजिस्टर के कैरेक्टर और क्रेडिट कार्ड के कैरेक्टर को पढ़ लेता हैं। ओ.सी.आर फॉण्टर कम्यूाइटर में संग्रहीत रहते है। जिन्हे ओ.सी.आर स्टैडर्ड कहते हैं।
ऑप्टिकल मार्क रीडर OMR:-
ऑप्टिकल मार्क रीडर एक इनपुट डिवाइस है। यह किसी कागज पर पेन्सिल या पेन के चिन्ह् की उपस्थिति और अनुपस्थिति को जॉंचता है। इसमे चिन्हित कागज पर प्रकाश डाला जाता है, और परावर्तित प्रकाश को जॉंचा जाता है। जहॉं चिन्ह उपस्थित होगा कागज के उस भाग से परावर्तित प्रकाश की तीव्रता कम होगी। ओ.एम.आर किसी परीक्षा की उत्तरपुस्तिका को जॉंचने के लिए प्रयोग की जाती है। इन परीक्षाओं के प्रश्नीपत्र में वैकल्पिक प्रश्नक होते है।
लाइट पेन:-
लाइट पेन का प्रयोग कंप्यूटर स्क्रीरन पर कोई चित्र या ग्राफिक्स बनाने में किया जाता है। लाइट पेन एक प्रकाश संवेदनशील कलम की तरह का एक उपकरण होता है। लाइट पेन का प्रयोग ऑब्जेिक्ट के चयन के लिये होता है। लाइट पेन की सहायता से बनाया गया कोई भी ग्रॉफ्रिक्स कंप्यूटर पर संग्रहित किया जा सकता है तथा आवश्यचकतानुसार इसमें सुधार किया जा सकता है।
बारकोड रीडर:-
बारकोड रीडर का उपयोग प्रोडक्टर के ऊपर छपे हुए बारकोड को पढ़ने के लिए किया जाता है। किसी प्रोडक्ट के ऊपर बने बारकोड को पढ कर बारकोड रीडर उत्पाद की कीमत तथा उससे संबंधित दूसरी सूचना उपलब्ध करा देता है ।
टच स्क्रीन:-
टच स्क्रीन एक इनपुट डिवाइस है। इसमें एक प्रकार की डिस्पले स्क्रीन होता है। इस डिस्पले में यूजर किसी प्वा्इटिंग डिवाइस से या अपनी अगुलियों की सहायता से स्क्रीेन पर मीनू या किसी अब्जे्क्ट् का चयन करता है। किसी यूजर को कम्यूटर की अधिक जानकारी न हो तो भी इसे सरलता से प्रयोग किया जा सकता है।
टच स्क्रीन का प्रयोग आजकल मोबाइल, रेलवे स्टेटशन, एयरपोर्ट, अस्पताल, शापिंग माल, ए.टी.एम इत्यादि में होने लगा है। 1965 में ईए जानसान ने सबसे पहले टच स्क्रीन का अविष्कार किया था ।
वॉयस रिकग्निशन:-
वॉयस रिकग्निशन एक कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर प्रोग्राम या हार्डवेयर डिवाइस है। इसमें मानव की आवाज को डिकोड करने की क्षमता होती है। इसका उपयोग किसी डिवाइस को संचालित करने, कमांड करने, या कीबोर्ड, माउस का उपयोग किए बिना लिखने या किसी भी बटन के लिए किया जाता है। इसमे हम डाटा बिना टाइप किये सीधे बोलकर भी इनपुट कर सकते है।