डॉस कमाण्ड DOS Commands :-
डास में दो कमाण्ड होती हैं।
1. आंतरिक कमाण्ड 2. बाहय कमाण्ड
आंतरिक कमाण्ड Internal command:-
ये वे कमाण्ड है जो कम्प्यूटर की मेमोरी में तब तक उपस्थित रहते है, जब तक कंप्यूटर का स्विच ऑफ नहीं करते। ये कमांड ऑपरेटिंग सिस्टम के अंदर command.com या cmd.exe में रहती है।
Ex. – DIR, MD, CD,RD, COPY,COPY CON, DEL, REN।
जब तक कंप्यूटर चालू रहता है तब तक कभी भी इन कमांड का उपयोग कर सकते है ।
DIR Command:-
यह कमांड किसी डायरेक्ट्री में फाइल और सब डायरेक्ट्री कि सूची प्रदर्शित करता है।
Syntax- C:>Dir<Directory name >
Ex.- C :> DIR D:
MD Command:-
इस कमांड का उपयोग नयी डायरेक्ट्री बनाने के लिए किया जाता है।
Syntax- C:>MD<Directory name >
Ex.-C :> MD ABC
CD Command:-
इस कमांड का उपयोग एक डायरेक्ट्री से दूसरी डायरेक्ट्री बदलने के लिए किये जाता है।
Syntax- C:>CD<Directory name >
Ex.-C :> CD ABC
RD Command :-
इस कमांड का उपयोग डायरेक्ट्री मिटाने के लिए किया जाता है।
Syntax- C:>RD<Dir name >
Ex.-C :> RD ABC
COPY Command:-
इस कमांड के द्वारा हम किसी भी फाइल कि डुप्लिकेट फाइल बना सकते है।
Syntax 1- C:>COPY<File name ><New Name>
Ex.-C :> COPY ABC XYZ.
Syntax 2- C:>Copy<PathFile name ><Target Drive>
Ex.-C :> Copy DELHI D:
COPYCON Command :-
- इस कमांड का उपयोग नयी फाइल को बनाने के लिए किया जाता है।
Syntax- C:>Copy Con<File name >
Ex.-C :>Copy Con ABC.txt
DEL Command:-
इस कमांड का उपयोग किसी फाइल को हार्ड डिस्क से हटाने के लिए किया जाता है।
Syntax- C:>Del<Dir name >
Ex.-C :> Del ABC.txt
REN Command:-
इस कमांड का उपयोग फाइल का नाम बदलने के लिए किया जाता है।
Syntax- C:>REN<Old File name ><New File Name>
Ex.-C :> REN ABC.txt xyz.txt
बाहय कमाण्ड External Command:-
इस प्रकार की कमाण्ड को फ्लॉपी डिस्क या हार्ड डिस्क में अलग से स्टोर करके रखा जाता है। ये command.com फ़ाईल का हिस्सा नहीं होती । जब इन कमांड की आवश्यकता होती है तो उन्हें एक्सक्यूट कर दिया जाता है।
जैसे TREE, FORMAT, SORT, FDISK, MODE, ATTRIB, HELP, SYS ETC.
TREE Command:-
इसकी सहायता से डायरेक्ट्री एवं फाईल को ट्री फारमेट में देख सकते है।फाईल को देखने के लिये स्विच/F का प्रयोग किया जाता है।
Syntax- C :> TREE [Switch] [path]
Ex.-C :> TREE/F Micro
FORMAT Command :-
इस कमांड का प्रयोग हार्ड डिस्क या फ़्लॉपी डिस्क को फार्मेट करने के लिये किया जाता है। इसके साथ इसके स्विच का भी प्रयोग कर सकते है। जिससे अलग- अलग तरीके से फार्मेटिंग कर सकते है।
इस कमांड का प्रयोग तब किया जाता है जब पूरी डिस्क के डाटा को एक साथ हटाना होता है।
/Q इस स्विच का प्रयोग क्विक फार्मेट करने के लिये किया जाता है।
Syntax- C :> FORMAT [Switch] Drive Name:
Ex.-C :> FORMAT / Q d:
SORT Command :-
इस कमांड की सहायता से फाइल के मेटर को कॉलम के आधार पर सार्ट कर सकते हैं। सार्टेड कंटेंट को देख सकते, एवं नई फाइल में सेव कर सकते है।
Syntax- C :> Sort File Name or Sort File Name>>new file Name
Ex.-C :> Sort computer
FDISK Command :-
इस कमांड से डिस्क के पार्टीशन को डिलीट किया जाता है। और नये पार्टीशन को बनाया भी जा सकता है। इस कमांड को बहुत सावधानी एवं ध्यानपूर्वक चलाना चाहिये ।
MOVE Command:-
इस कमाण्ड की सहायता से किसी भी फाइल को एक स्थान से दूसरे स्थान पर मूव कर सकते है. मूव होने के बाद वन फाइल मूव्ड मैसेज आता है।
Syntax- Move <Source address/File Name><Destination Address>
ATTRIB Command:-
इस कमांड की सहायता से फाइलऔर फोल्डर के attribute को देख सकते है।और बदल सकते हैं।
Syntax- C :> Attrib +/- attribute [Path/FILE or directory Name]
Help Command:
इस कमाण्ड की सहायता से एम.एस.डास ई कमाण्ड हेल्प देख सकते है ।
Syntax: – C:>HELP <Command name>
Or
C:>Command Name/?
Sys Command: –
इस कमाण्ड का यूज बूटेबल डिस्क का निर्माण करने के लिए किया जाता है। इससे बूटेबल फाइल डिस्क में आ जाती है। प्रोसेस पूर्ण होने के बाद सिस्टम ट्रासफर्ड मैसेज आता है जो यह दर्शाता है कि डिस्क टेबल बन चुकी है। बूटेबल डिस्क से कम्प्यूटर को चालू किया जा सकता है।
Syntax- C:>Sys A:
ओपेन- सोर्स सॉफ्टवेयर:-
ओपेन- सोर्स सॉफ्टवेयर ऐसे सॉफ्टवेयर है, जो सोर्स कोड के साथ वितरित किया जाता है, अनलोड को उपयोगकर्ताओं द्वारा पढ़ा या संशोधित किया जा सकता है।
इसका सोर्स कोड इंटरनेट पर फ्री रूप से उपलब्ध होता है। जैसे लाइनेक्स, अपाची वेव सर्वर , लिब्र आफिस।
प्रोपराइटरी सॉफ्टवेयर:-
प्रोपराइटरी सॉफ्टवेयर, को क्लोज्ड सोर्स सॉफ्टवेयर के रूप में भी जाना जाता है। यह एक कॉपीराइटेड सॉफ्टवेयर होता है तथा इसका उपयोग सीमित होता है। प्रोपराइटरी सॉफ्टवेयर का सोर्स कोड बहुत सुरक्षित रखा जाता है।
प्रोपराइटरी सॉफ्टवेयर इसके मालिक/ निर्माता की प्रॉपर्टी होती है। यूजर या संस्थाओं द्वारा पूर्व से नियत कंडीशंस के तहत इन सॉफ़्टवेयर का उपयोग किया जाता है। जैसे माइक्रोसॉफ्ट विंडोज, माइक्रोसॉफ्ट आफिस, एडोब फोटोशॉप