Laser Printing (लेजर प्रिंटिंग):-
लेजर प्रिंटर का प्रयोग कंप्यूटर सिस्टम में 1970 के दशक से हो रहा हैं पहले ये Mainframe Computer में प्रयोग किये जाते थे।1980 के दशक में लेजर प्रिंटर का मूल्य लगभग 3000 डॉलर था। ये प्रिंटर आजकल अधिक लोकप्रिय हैं क्योकि ये अपेक्षाकृत अधिक तेज और उच्च क्वालिटी में टेक्स्ट और ग्राफिक्सप्रिंट करते हैं। अधिकांश लेजर प्रिंटर (Laser Printer) में एक अतिरिक्त माइक्रो प्रोसेसर (Micro Processor), रेम (Ram) व रोम (Rom) का प्रयोग (use) किया जाता है, यह प्रिंटर भी डॉट्स (dots) के द्वारा ही कागज पर प्रिंट (print) करता है। परन्तु ये डॉट्स (dots) बहुत ही छोटे व पास-पास होने के कारण बहुत सपष्ट प्रिंट (print) होते है। इस प्रिंटर में कार्टरेज का प्रयोग किया जाता है, जिसके अंदर सुखी स्याही (Ink Powder) को भर दिया जाता हैं। लेजर प्रिंटर के कार्य करने की विधि मूलरूप से फोटोकॉपी मशीन की तरह होती है। लेकिन फोटोकॉपी मशीन में तेज रोशनी का प्रयोग किया जाता है। लेजर प्रिंटर (Laser Printer) 300 से लेकर 600 DPI (Dot Per Inch) तक या उससे भी अधिक रेजोलुशन की छपाई करता है। रंगीन लेजर प्रिंटर उच्च क्वालिटी का रंगीन आउटपुट देता हैं। इसमें विशेष टोनर होता है जिसमे विभिन्न रंगों के कण उपलब्ध रहते हैं। यह प्रिंटर बहुत महंगे होते है, क्योकि इनके छापने की गति उच्च होती हैं, तथा यह प्लास्टिक की सीट या अन्य सीट पर आउटपुट (output) को प्रिंट (print) कर सकते है|
लेजर प्रिंटर कम्प्यूटर से जुड़ा होता हैं। इस प्रिंटर में कागज के साथ ही, film transparent paper, butter paper एवं PVC place आदि पर भी प्रिंट निकाला जा सकता हैं। इसकी तकनीक कॉपियर (झेराक्स) तकनीक के समान होती हैं। इसमें किसी प्रकार के रिबन का प्रयोग नही किया जाता। इसमें लेजर किरण एवं प्रकाश के स्त्रोतों से इमेज को उत्पन्न किया जाता हैं। लेजर के किरणों को कम्प्यूटर द्वारा नियंत्रित किया जाता हैं। इमेज Raster Scan तकनीक से प्रिंट की जाती हैं। लेजर प्रिंटर में, किसी इमेज को प्रिंट करने की प्रक्रिया सात पदों में पूर्ण होती हैं।
Types of Laser Printer (लेजर प्रिंटर के प्रकार):-
यद्यपी सभी लेजर प्रिंटर की प्रिंट करने के तकनीक एक समान होती हैं, लेकिन उनके आकार, प्रिन्ट करने की गति के अनुसार उन्हें वर्गीकृत किया गया हैं।
Personal:-
इस प्रकार के लेजर प्रिंटर आकार में छोटे होते हैं। इन्हे आप एक टेबल पर कम्प्यूटर के साथ जोड़ कर रख सकते हैं। इस साधारणत: एक ही कम्प्यूटर से जोड़ा जा सकता हैं। सभी पर्सनल लेजर प्रिंटर यह Simplex प्रकार के होते हैं, अर्थात् एक समय में कागज के एक ही तरफ प्रिटिंग की जा सकती हैं । इन प्रिंटर की प्रिंट करने की गति कम होती हैं, यह साधारणत: 4 पेज प्रति मिनट की दर से प्रिंट कर सकते हैं। इस प्रकार की प्रिंटर की मेमोरी भी कम होती है, बहुत जटिल या अधिक ग्राफिक्स का डाटा प्रिंट करने मुश्किल हो सकती हैं।
Office:-
इस प्रकार के लेजर प्रिंटर यह Personal laser printer से बड़े होते हैं, लेकिन इन्हें भी आप टेबल पर रख सकते हैं। इसमें एक से अधिक कम्प्यूटर के साथ LAN (local area network) से साझा किया जा सकता हैं। इस प्रकार के प्रिंटर की प्रिंट करने की गति 8 से 10 पेज प्रति मिनट तक होती हैं। इन प्रिंटर में आप एक साथ बहुत से प्रिंट निकाल सकते हैं। इस प्रकार के प्रिंटर में एक sheet feeder होता हैं, उसमें 250 पन्ने रख सकते हैं, प्रिंटर उसमें स्ंवय ही एक पेज लेते जाता हैं। इस प्रकार के प्रिंटर में कम्प्यूटर से जोड़ने के लिए Parallel और serial दो प्रकार के पोर्ट होते हैं, जिससे और अधिक कम्प्यूटर से उस प्रिंटर का साझा किया जा सकता हैं। इन प्रिंटर में मेमोरी Personal प्रिंटर से अधिक होती हैं, तथा कुछ प्रिंटर में मेमोरी बढ़ाने की संभावना होती हैं। इस प्रकार के प्रिंटर भी Simplex प्रकार के होते हैं। इस प्रकार के प्रिंटर का उपयोग छोटे ऑफिस, डीटीपी ऑपरेटर इत्यादि जगह होता हैं।
Work group:-
इस प्रिंटर का उपयोग बहुत से कम्प्यूटर से जोड़ कर किया जाता हैं। इस प्रकार के प्रिंटर आकार में बडे होते हैं, इन्हें जमीन पर रखा जाता हैं, लेकिन वर्तमान में कुछ छोटे आकार के Workgroup लेजर प्रिंटर भी उपलब्ध हैं, जिन्हे टेबल पर रखा जा सकता हैं। इस की गति 15 से 30 पेज प्रति मिनट की होती हैं। इसमें पेपर रखने की बड़ी ट्रे होती हैं, जिसमें 1500 से 2500 पेज रखे जा सकते हैं। इन प्रिंट में भी expansion slot होता हैं। इन प्रिंटर की मेमोरी office प्रिंटर से अधिक होती हैं। इस प्रकार के प्रिंटर duplex प्रकार के होते हैं, जिससे एक साथ दोनों तरफ प्रिंट किया जा सकता हैं।
Production:-
इस प्रकार के प्रिंटर की गति सबसे ज्यादा होती हैं। यह एक बडे आकार का प्रिंटर हैं, जिसे टेबल पर नही रखा जा सकता हैं। कुछ स्थितियों में इस प्रिंटर को अलग वातानुकुलित कमरे में भी रखा जाता हैं। इस प्रकार के प्रिंटर का उपयोग जहॉं लगातार प्रिंटिंग की आवश्यकता होती हैं, वहॉ किया जाता हैं। इस प्रकार के प्रिंटर हैं। इन प्रिंटर की गति 50 से 135 पेज प्रति मिनट तक हो सकती हैं। इस प्रकार के प्रिंटर में 70,000 पेज एक दिन में प्रिंट किये जा सकते हैं। इन प्रिंटर में मेमोरी भी बहुत अधिक होती हैं।
Color:-
वर्तमान में कलर लेजर प्रिंटर भी उपलब्ध हैं, इनमें बहरंगी प्रिंटिंग की जा सकती हैं। इस प्रिंटर में चार हिस्से होते हैं, जो नीला (Cyan), लाल (Magenta), पीला (Yellow), एवं काला (Black) रंग प्रिंट होता हैं, इन चारों हिस्से से प्रिंट हो बहुरंगी प्रिंन्ट निकलता हैं। इन प्रिंटर की गति 2 से 8 पेज प्रति मिनट तक होती हैं।
Advantages of Laser Printer (लेजर प्रिंटर के लाभ):-
- इसकी प्रिंटिंग की गुणवत्ता अच्छी होती हैं।
- प्रिंटिंग की गति बाकी प्रिंटर से अधिक होती हैं।
- कागज के अतिरिक्त दूसरे मीडिया जैसे butter paper, pvc plate आदि पर भी प्रिंट किया जा सकता हैं।
- ग्राफिक्स डाटा अधिक सूक्ष्मता से प्रिंट होता हैं।
- प्रिंट करते समय आवाज नही करता हैं।
- छोटे कार्यलयीत कार्य से लेकर बड़े नेटवर्क प्रिंटर में भी इसका उपयोग किया जा सकता हैं।
Disadvantages of Laser Printer (लेजर प्रिंटर की कमीयाँ)
- लेजर प्रिंटर बाकी सभी कम्प्यूटर प्रिंटर से महंगा होता हैं।
- कलर लेजर प्रिंटर अधिक महंगा होता हैं।
- लेजर प्रिंटर इंकजेट प्रिंटर से बड़ा एवं भारी होता हैं।
- Dot Matrix Printer के समान इसमें डुप्लीकेट प्रिंटिंग नही कर की जा सकती।
- लेजर प्रिंटर से प्रिंट करने के लिए अधिक इलेक्ट्रिक पावर की आवश्यकता होती हैं।
