Image फाईल फॅार्मेट:-
मल्टीमीडिया में निम्न तरह के इमेज फ़ाइल के फार्मेट प्रयोग किये जाते है –
BMP, DIB, EPS, PIC, TIF,
BMP फाइल फॉर्मेट :-
BMP (Bitmap) को बिटमैप इमेज फाइल भी कहा जाता है। यह एक रास्टर ग्राफिक्स इमेज फॉर्मेट है, जिसे Microsoft द्वारा विकसित किया गया था।
इस फॉर्मेट का उपयोग डिजिटल इमेज को बिना किसी Compression के संग्रहीत करने के लिए किया जाता है। Compression न होने के कारण इमेज की गुणवत्ता अच्छी बनी रहती है, क्योंकि इसमें प्रत्येक पिक्सल की जानकारी सुरक्षित रहती है।
BMP फाइलें मुख्य रूप से Windows ऑपरेटिंग सिस्टम में उपयोग की जाती हैं, लेकिन इन्हें Mac और Linux जैसे अन्य प्लेटफॉर्म पर भी खोला जा सकता है। इसी कारण इन्हें Device Independent Bitmap (DIB) भी कहा जाता है।
BMP फाइलों का उपयोग इंटरनेट पर कम किया जाता है, क्योंकि इनका आकार बहुत बड़ा होता है। उदाहरण के लिए, 800 × 600 आकार की एक BMP इमेज लगभग 1.5 MB स्थान घेर सकती है।
BMP फॉर्मेट में 2D डिजिटल इमेज के मोनोक्रोम तथा रंगीन (Color) दोनों प्रकार के चित्र सुरक्षित किए जा सकते हैं। यह विभिन्न Color Depth, Data Compression, Alpha Channel तथा Color Profile जैसी विशेषताओं को भी संग्रहीत कर सकता है।
BMP का उपयोग:-
- BMP फाइलें उन अनुप्रयोगों में उपयोगी होती हैं जहाँ उच्च गुणवत्ता वाली छवि की जरूरत होती है। और जहां फाइल का साइज कोई मुद्दा नहीं होता।
- यह सरल और शुरुआती दिनों के कंप्यूटर ग्राफिक्स और प्रिंटिंग के लिए अधिक प्रचलित था। हालांकि आजकल अन्य फॉर्मेट (जैसे PNG या JPEG) अधिक लोकप्रिय हैं।
Advantages:-
- बिना किसी डेटा लॉस के इमेज को सेव करता है।
- रंगों और इमेज के प्रत्येक पिक्सल की सटीक जानकारी को स्टोर करता है।
Disadvantages:-
कोई compression नहीं होने के कारण यह स्टोरेज स्पेस को बहुत ज्यादा इस्तेमाल करती हैं।
BMP फाइलें आमतौर पर बहुत बड़ी होती हैं, जिससे उन्हें शेयर करना या स्टोर करना कठिन हो सकता है।
DIB (Device Independent Bitmap)फॉर्मेट:-
डिवाइस इन्डीपेन्डेन्ट बिटमैप, रॅास्टर ईमेज फाइल है। इस फॉर्मेट में इमेज का डेटा ऐसा होता है कि जिसे अलग-अलग प्रकार के डिवाइस (जैसे मॉनिटर, प्रिंटर, आदि) पर प्रदर्शित किया जा सकता है।
यह विन्डो और मैक दोनों आपरेटिगं सेस्टम को सपोर्ट करती है। यह कॉम्पलेक्स बाइनरी फाईल होती है। यह विन्डो स्पेसिक, जेनेरल बिटमेप फार्मेट है। यह पेटेंट फ्री है।
DIB फाइलों का एक्सटेंशन सामान्यतः .DIB होता है। लेकिन कभी-कभी यह .BMP भी हो सकता है। इन दोनों फॉर्मेट्स की संरचना बहुत हद तक समान होती है। इसलिए अधिकांश इमेज एडिटिंग सॉफ़्टवेयर जो BMP फाइलों को सपोर्ट करते हैं, DIB फाइलों को भी खोल और एडिट कर सकते हैं। जैसे: Microsoft Paint, Adobe Photoshop, GIMP।
DIB फ़ाइल की विशेषताएँ:-
- Lossless: DIB फाइलें सामान्यतः बिना किसी कंप्रेशन (compression) के सेव होती हैं, इसलिए इमेज डेटा बिल्कुल सटीक और बिना गुणवत्ता खोए स्टोर होता है।
- क्रॉस-प्लेटफ़ॉर्म संगतता: चूंकि DIB फाइलें डिवाइस-स्वतंत्र होती हैं, इसलिए इन्हें विभिन्न ऑपरेटिंग सिस्टम्स और हार्डवेयर प्लेटफार्म्स पर बिना किसी बदलाव के उपयोग किया जा सकता है।
- फाइल साइज: BMP की तरह, DIB फाइलें भी कंप्रेशनलेस हेाती है इसलिये ये बहुत बड़ी हो सकती हैं।
DIB फ़ाइलों का उपयोग:-
- ग्राफ़िक्स और इमेजिंग: DIB फाइलों का उपयोग उन एप्लिकेशन्स में किया जाता है जहाँ उच्च गुणवत्ता वाली इमेज की जरूरत होती है।
- Windows OS: माइक्रोसॉफ्ट विंडोज़ DIB फॉर्मेट का उपयोग आंतरिक रूप से इमेज को हैंडल और डिस्प्ले करने के लिए करता है।
- प्रिंटिंग: DIB फाइलें प्रिंटिंग एप्लिकेशनों में उपयोगी होती हैं, जहाँ डिवाइस स्वतंत्रता सुनिश्चित करती है कि इमेज की गुणवत्ता विभिन्न प्रिंटरों पर एक जैसी हो।
फायदे:-
- डिवाइस स्वतंत्रता: DIB फाइलें किसी भी डिवाइस पर बिना बदलाव के प्रदर्शित की जा सकती हैं।
- उच्च गुणवत्ता: चूंकि यह एक lossless फॉर्मेट है, इसलिए इमेज की गुणवत्ता बनी रहती है।
नुकसान:-
बड़ा फाइल साइज: DIB फाइलें बिना कंप्रेशन के सेव होती हैं, जिससे इनका आकार बहुत बड़ा होता है।
Encapsulated PostScript (EPS):-
यह एक ग्राफिक्स फाइल फॉर्मेट है। इनका उपयोग वेक्टर इमेज और बिटमैप रॉस्टर इमेज दोंनों को स्टोर करने के लिए किया जाता है। EPS फॉर्मेट को Adobe ने विकसित किया था। और इसका प्रमुख उपयोग उच्च-गुणवत्ता वाले प्रिंटिंग और ग्राफिक्स के लिए होता है। यह फॉर्मेट विशेष रूप से डेस्कटॉप पब्लिशिंग, प्रिंटिंग, और ग्राफिक डिजाइनिंग में उपयोग किया जाता है।
एक ई.पी.एस. फाईल् मे पिक्सल और वैक्टर पाथ दोनो की इनफार्मेशन हो सकती है।
ई.पी.एस फाईल निम्न साफ्टवेयर मे खोली जा सकती है।:-
एडोब इन्स्ट्रॉलर, एडोब , फेाटोशाप, एडोब रीडर, कोरल ड्रॉ, पेन्टशाप प्रो, क्वीक एक्सप्रेस आदि।
EPS फाइल फॉर्मेट की मुख्य विशेषताएं:-
- वेक्टर और बिटमैप ग्राफिक्स:- EPS फाइल में वेक्टर ग्राफिक्स (जो गणितीय समीकरणों के माध्यम से परिभाषित होते हैं) और बिटमैप रॉस्टर ग्राफिक्स (जो पिक्सल्स के रूप में स्टोर होते हैं) दोनों को स्टोर किया जा सकता है। इसका मतलब है कि यह फॉर्मेट स्केलेबल होता है और बिना गुणवत्ता खोए इमेज का आकार बढ़ाया जा सकता है।
- PostScript भाषा पर आधारित:- EPS फॉर्मेट का आधार PostScript प्रोग्रामिंग भाषा है। यह प्रिंटर और अन्य आउटपुट डिवाइस के लिए इमेज और टेक्स्ट को रेंडर करती है। इसका मतलब है कि EPS फाइलें किसी विशेष प्रकार के प्रिंटर या डिवाइस पर निर्भर नहीं होतीं। और किसी भी डिवाइस पर सटीक प्रिंटिंग करती हैं।
- डिवाइस स्वतंत्रता:- EPS फाइलें डिवाइस-स्वतंत्र होती हैं। जिसका अर्थ है कि इन्हें किसी भी प्रिंटिंग डिवाइस या स्क्रीन पर बिना किसी गुणवत्ता के नुकसान के प्रिंट या प्रदर्शित किया जा सकता है। क्रॉस-प्लेटफॉर्म सपोर्ट – EPS फाइलें विभिन्न ऑपरेटिंग सिस्टम और सॉफ़्टवेयर पर खोली और संपादित की जा सकती हैं।
- पूर्वावलोकन छवि (Preview Image):- EPS फाइलों में अक्सर एक लो-रिज़ॉल्यूशन बिटमैप पूर्वावलोकन इमेज भी होती है। जिससे इन्हें आसानी से देखा जा सके। खासकर उन सॉफ़्टवेयरों में जो PostScript को सीधे सपोर्ट नहीं करते।
EPS फाइल का उपयोग:-
- प्रिंटिंग: EPS फाइलें प्रिंटिंग इंडस्ट्री में बहुत उपयोग की जाती हैं। क्योंकि यह उच्च गुणवत्ता वाली ग्राफिक्स और टेक्स्ट को बिना किसी डिवाइस निर्भरता के प्रिंट कर सकती हैं। यह फाइलें प्रिंटिंग डिवाइस पर सटीक ग्राफिक्स और टेक्स्ट प्रदर्शित करती हैं।
- डेस्कटॉप पब्लिशिंग: Adobe InDesign, Illustrator, और CorelDRAW जैसे सॉफ़्टवेयर EPS फाइलों के साथ काम करते हैं। इनका उपयोग पोस्टर, ब्रोशर, और अन्य ग्राफिक डिज़ाइन बनाने के लिए किया जाता है।
नुकसान:-
- फ़ाइल साइज: EPS फाइलें कभी-कभी बड़ी हो सकती हैं। अगर फाइल में बहुत सारे जटिल ग्राफिक्स या विवरण शामिल हों।
- मॉडर्न वेब ग्राफिक्स के लिए कम उपयोगी: आजकल, वेब और स्क्रीन डिस्प्ले के लिए SVG जैसे नए वेक्टर फॉर्मेट्स का अधिक उपयोग हो रहा है, क्योंकि EPS का समर्थन सभी वेब ब्राउज़रों में नहीं होता।
EPS फाइल को खोलने और संपादित करने के लिए सॉफ़्टवेयर:-
Adobe Photoshop: EPS फाइलों को बिटमैप इमेज में बदलने के लिए उपयोग किया जा सकता है।।
Adobe Illustrator: EPS फाइलों को खोलने और संपादित करने के लिए सबसे सामान्य सॉफ़्टवेयर है।
CorelDRAW: वेक्टर ग्राफिक्स के लिए एक और लोकप्रिय सॉफ़्टवेयर।
Inkscape: एक मुफ्त और ओपन-सोर्स सॉफ़्टवेयर जो EPS फाइलों को खोलने और संपादित करने की क्षमता रखता है।
पी.आई.सी. PIC फाइल फॉर्मेट:-
यह एक पुराना ग्राफिक्स फॉर्मेट है। इसका उपयोग विशेष रूप से पुराने सॉफ़्टवेयर और पुराने सिस्टम में ग्राफिक्स और चित्रों को स्टोर करने के लिए किया जाता था। इसमें वेक्टर और बिटमैप ग्राफिक्स स्टोर किए जा सकते हैं, और यह सरल और हल्का फॉर्मेट है। आज इसका उपयोग बहुत सीमित हो गया है, और नए फॉर्मेट्स ने इसे लगभग पूरी तरह से बदल दिया है।
ये इमेज फाइल PICtor रास्टर इमेज फाईल फार्मेट में सेव की जाती है। यह PICtor Paint (PC paint) और ग्राफिक्स एनीमेशन सिस्टम फार प्रोफेशनल (GRASP) का नेटिव फाईल फार्मेट है।
इस इमेज फाईल फार्मेट को एमएसडास आपरेटिगं स्स्टिम के लिए जान ब्रिज ने विकसित किया। जान ब्रिज ने ही पी.सी.पेंट पहला पेंट ब्रश प्रोग्राम डेवलेप किया। यह डिवाइस इन्डीपेंडेंट रॉस्टर इमेज फाईल फार्मेट है।
PIC फाइल फॉर्मेट की मुख्य विशेषताएं:-
- ग्राफिक्स डेटा:
- PIC फाइलें ग्राफिक्स और इमेज डेटा को स्टोर करती हैं। इनमें वेक्टर ग्राफिक्स (जैसे रेखाएँ, आकार) और बिटमैप ग्राफिक्स (पिक्सल द्वारा परिभाषित इमेज) दोनों हो सकते हैं, यह फाइल के प्रकार और उत्पत्ति पर निर्भर करता है।
- पुरानी ग्राफिक्स सॉफ़्टवेयर के साथ उपयोग:
- PIC फॉर्मेट का उपयोग पुराने ग्राफिक्स सॉफ़्टवेयर जैसे Pictor Paint और Lotus 1-2-3 के ग्राफिक्स को स्टोर करने के लिए किया गया था। यह फॉर्मेट 1980 और 1990 के दशक के दौरान लोकप्रिय था, खासकर जब DOS-आधारित प्रणालियों पर ग्राफिक्स का उपयोग किया जाता था।
- विभिन्न वर्शन:
- PIC फाइल फॉर्मेट के कई वर्शन हैं, क्योंकि अलग-अलग सॉफ़्टवेयर और प्रणालियों ने इसे अलग-अलग तरीकों से अपनाया। उदाहरण के लिए, Pictor और Micrografx जैसी कंपनियों ने PIC फॉर्मेट का उपयोग किया, लेकिन इनके फाइल स्वरूप में कुछ भिन्नताएं थीं।
- सादगी और हल्कापन:
- PIC फाइल फॉर्मेट अन्य फॉर्मेट्स जैसे BMP या PNG की तुलना में सरल हो सकता है, क्योंकि इसे विशेष रूप से ग्राफिक्स डेटा को सरलता से स्टोर करने के लिए डिजाइन किया गया था।
फायदे:-
- सादगी: PIC फॉर्मेट सरल और हल्का है, जिससे इसे पुराने सॉफ़्टवेयर में आसानी से उपयोग किया जा सकता है।
- क्रॉस-प्लेटफ़ॉर्म उपयोग: PIC फाइलें कई पुरानी सॉफ़्टवेयर प्रणालियों में उपयोग की जाती थीं, इसलिए यह क्रॉस-प्लेटफॉर्म भी होती हैं।
नुकसान:-
- पुरानी तकनीक: आजकल PIC फाइल फॉर्मेट का उपयोग बहुत कम होता है, क्योंकि नए और अधिक उन्नत फॉर्मेट्स जैसे PNG, JPEG, और SVG का व्यापक उपयोग हो रहा है।
- सीमित सपोर्ट: नए सॉफ़्टवेयर और ऑपरेटिंग सिस्टम में PIC फाइलें सीधे सपोर्ट नहीं होतीं, और इन्हें खोलने के लिए विशेष सॉफ़्टवेयर या कनवर्ज़न टूल्स की आवश्यकता होती है।
PIC फाइल को खोलने के लिए सॉफ़्टवेयर:-
CorelDRAW: पुराने वर्शन के PIC फाइल्स को सपोर्ट करने वाले ग्राफिक्स डिजाइन सॉफ़्टवेयर।
XnView: एक मुफ्त सॉफ़्टवेयर जो कई पुराने और दुर्लभ फाइल फॉर्मेट्स को खोलने की क्षमता रखता है।
IrfanView: एक हल्का इमेज व्यूअर जो PIC फाइलें खोल सकता है।
TIF(Tagged Image File Format):-
टी.आइ.एफ. एक इमेज फ़ाईल फार्मेट है। यह फार्मेट एल्डस कारपोरेशन के द्वारा डेस्कटाप पब्लिशिंग के लिए बनाया गया था। यह फाईल फार्मेट, उच्च गुणवत्ता वाली ‘रॉस्टर ग्राफिक इमेज’ को स्टोर करने मे उपयेाग होता है ।
यह फार्मेट ग्राफिक आर्टिस्ट ,पब्लिशिगं इंडस्ट्री और फेाटोग्राफी मे बहुत उपयोगी होती हे। यह सभी प्लेटफार्म जैसे – मैक ,विन्डो, युनिक्स को सपोर्ट करता है। यह आर.जी.बी , CMYK कलर को सपोर्ट करता है।
TIFF व्यापक रूप से स्कैनिग ,फैक्सिंग, वर्ड प्रोसेसिगं, आप्टीकल करेक्टर रेकग्नाइज़ेशन, इमेज मेनिपुलेशन, डीटीपी इत्यादि कार्यों में प्रयोग होता है। जहाँ इमेज की गुणवत्ता को बनाए रखना महत्वपूर्ण होता है।
इस प्रकार की फाइल का एक्सटेशन .tif फाईल होता है। इनका आकार अपेक्षाकृत अधिक होता है और ये ज्यादा मेमोरी का उपयेाग करती है।
TIF/TIFF फाइल फॉर्मेट की मुख्य विशेषताएँ:
- उच्च गुणवत्ता वाली इमेज:
- TIF फाइलें उच्च-रिज़ॉल्यूशन वाली इमेज को बिना किसी गुणवत्ता के नुकसान के स्टोर करने के लिए जानी जाती हैं। यह फॉर्मेट विशेष रूप से उन एप्लिकेशन के लिए उपयुक्त है जहाँ इमेज की सटीकता और डिटेल्स महत्वपूर्ण होते हैं। Ex.- प्रोफेशनल फोटोग्राफी, प्रिंटिंग, और ग्राफिक डिज़ाइन में।
- लॉसलेस (Lossless) फॉर्मेट:
- TIFF फाइलें आमतौर पर लॉसलेस कंप्रेशन का उपयोग करती हैं, जिसका मतलब है कि इमेज को कंप्रेस करते समय कोई डेटा या गुणवत्ता नहीं खोती। यह फॉर्मेट LZW या ZIP कंप्रेशन तकनीकों का उपयोग कर सकता है।
- हालांकि, TIFF में लॉसी कंप्रेशन का विकल्प भी उपलब्ध है, लेकिन इसका उपयोग कम किया जाता है क्योंकि इस फॉर्मेट को लॉसलेस इमेज स्टोरेज के लिए जाना जाता है।
- बिटमैप फॉर्मेट:
- TIF फॉर्मेट एक रैस्टर इमेज फॉर्मेट है, जिसका मतलब है कि यह पिक्सल्स के रूप में इमेज को स्टोर करता है। हर पिक्सल का रंग और स्थान फाइल में दर्ज किया जाता है, जिससे उच्च-गुणवत्ता वाली इमेज प्राप्त होती है।
- बहु-लेयर और बहु-पेज सपोर्ट:
- TIFF फाइलें कई पेजों या लेयरों वाली इमेज को स्टोर कर सकती हैं, जिससे यह फॉर्मेट स्कैनिंग एप्लिकेशन में बहुत उपयोगी होता है, जैसे कि एक ही फाइल में कई पेजों की डॉक्यूमेंट स्कैनिंग।
- क्रॉस-प्लेटफ़ॉर्म सपोर्ट:
- TIFF फाइलें Windows, MacOS, और अन्य ऑपरेटिंग सिस्टम पर आसानी से उपयोग की जा सकती हैं। यह फॉर्मेट व्यापक रूप से सपोर्ट किया जाता है और विभिन्न सॉफ़्टवेयर में आसानी से खोला जा सकता है।
TIF/TIFF फाइल का उपयोग:-
- प्रोफेशनल फोटोग्राफी और ग्राफिक डिज़ाइन:
- फोटोग्राफर और ग्राफिक डिजाइनर अक्सर TIFF फाइलों का उपयोग करते हैं। क्योंकि यह फॉर्मेट एडिटिंग के दौरान इमेज की हर डिटेल को बनाए रखता है।
- डेस्कटॉप पब्लिशिंग:
- पब्लिशिंग इंडस्ट्री में TIFF फॉर्मेट का व्यापक उपयोग होता है। क्योंकि प्रिंटिंग के लिए उच्च-रिज़ॉल्यूशन और डिटेल्ड इमेज की आवश्यकता होती है।
- स्कैनिंग:
- TIFF फॉर्मेट स्कैनिंग एप्लिकेशन में सबसे अधिक उपयोग किया जाता है। क्योंकि यह उच्च गुणवत्ता वाली इमेज को स्टोर करने में सक्षम होता है और दस्तावेज़ स्कैनिंग के लिए आदर्श होता है।
फायदे:-
- उच्च गुणवत्ता वाली इमेज: TIFF फाइलें इमेज की गुणवत्ता को बिना किसी नुकसान के स्टोर करती हैं, जो इसे प्रोफेशनल उपयोग के लिए आदर्श बनाता है।
- लॉसलेस कंप्रेशन: TIFF में कंप्रेशन का उपयोग करते समय इमेज डेटा में कोई कमी नहीं होती, जिससे इमेज की हर डिटेल बरकरार रहती है।
- मल्टीपेज सपोर्ट: यह फॉर्मेट एक ही फाइल में कई पेजों वाली इमेज को स्टोर कर सकता है, जो दस्तावेज़ स्कैनिंग के लिए उपयोगी होता है।
Raster Image Formats (प्रमुख प्रारूप):-
- JPEG (Joint Photographic Experts Group): सबसे आम रास्टर इमेज फॉर्मेट, जो तस्वीरों के लिए उपयोग किया जाता है। यह “lossy compression” का उपयोग करता है, जिससे फाइल का आकार छोटा हो जाता है लेकिन गुणवत्ता में थोड़ी कमी आ सकती है।
- PNG (Portable Network Graphics): यह फॉर्मेट पारदर्शिता (transparency) को सपोर्ट करता है। यह “lossless compression” का उपयोग करता है, जिससे इमेज की गुणवत्ता बनी रहती है।
- GIF (Graphics Interchange Format): छोटे एनिमेशन और सिंपल ग्राफिक्स के लिए उपयुक्त। इसमें 256 रंग तक सीमित होते हैं।
- BMP (Bitmap): यह एक अनकंप्रेस्ड इमेज फॉर्मेट है, जिससे फाइल का आकार बहुत बड़ा हो सकता है।
- TIFF (Tagged Image File Format): उच्च-गुणवत्ता वाली रास्टर इमेज ख़ासकर प्रिंटिंग के लिए उपयोग किया जाता है।
English नोट्स के लिए ARUN COMPUTER क्लिक करें