Unit-IV-Analog and Digital Video

Analog video:-

एनालॉग वीडियो फॉर्मेट में गतिशील छवियों के वीडियो सिग्नल को एनालॉग  रूप में रिकॉर्ड और प्रसारित किया जाता है। एनलाग सिग्‍नल ‘कन्‍टेन्‍ट’ को वोल्‍टज के रूप में कैप्‍चर या प्रसारित करता है। एनालाग सिग्‍नल का वोल्‍टेज छवियों के अनुसार परिर्वतित होता रहता है और अटूट रहता है। डिजिटल विडियों में छवियां बिट्स (0,1) के रूप में कैप्‍चर रहती है।

VHS (विडियो होम सिस्‍टम) टेप या कैसेट पर ऐ‍नालॉग विडियो रिकार्ड करने का पुराना स्‍टैंडर्ड तरीका था। आप्‍टिकल डिस्‍क विकसित होने के बाद, ऐनालॉग विडियो के लिये ऑप्‍टिकल डिस्‍क का  प्रयोग होने लगा। ऑप्टिकल डिस्क में पुराने वीएचएस या एस-वीएचएस टेप की अपेक्षा ज्‍यादा वीडियो गुणवत्‍ता होती है।

किसी वस्‍तु  से टकरा कर आने  वाली लाईट जब विडियों कैमेरे  के लेंस  तक आती है तो इसे इलेक्‍ट्रक सिग्‍नल में बदल दिया जाता  है। यह कार्य एक  सेन्‍सर की सहायता से किया जाता है।  जिसे  चार्जड कॅपल डिवॉइस CCD कहते है।

मंहगे  विडियों कैमरे  में, प्रत्‍येक तीन रंगो  (रेड ,ग्रीन,ब्‍लू) के लिए अलग-अलग तीन सीसीडी डिवॉईस तक लगी हो सकती हैं, जिससे कैमरे का रेज़ॉल्यूशन बहुत बढ़ जाता है।

CCD के आउटपुट को कैमरे द्वारा तीन चैनल के रंग इनर्फोशन एवं पल्‍स में परिर्वतित कर दिया जाता है।

जब अलग-अलग “कलर चैनल”, अलग-अलग  सिग्‍नल की तरह प्रसारित होते है तो, आउटपुट को “आरजीबी” कहा जाता है। ये ज्‍यादा  क्‍वालिटी के  प्रोफेशनल विडियो के लिए उपयोग होता है। आउटपुट को दो  चैनल में भी बदल सकते है। लेकिन इस विडियों की क्‍वालिटी कम होगी।

ऐनालाग कलर विडियो सिग्‍नल में लुमिनेन्‍स, ब्राइटनेन्‍स(Y) और क्रोमिनेन्‍स(सी) होती है।

एनालाग विडियो सिग्‍नल में न्‍वाइज इंटरफेरेंस की सभावना ज्‍यादा होती है, लेकिन इनकी डेंसिटी ज्‍यादा होती है, जिसके कारण इन्‍हें कम स्‍थान की आवश्‍यकता होती है। एक तीन घंटे का वीएचएचएस 16जीबी डिजिटल डाटा के बराबर वीडियो स्‍टोर कर सकता है।

एनालॉग वीडियो के प्रमुख पहलू:-

सिग्नल की निरंतरता (Continuity):-

एनालॉग वीडियो में डेटा एक निरंतर सिग्नल के रूप में प्रसारित होता है, जिसमें वोल्टेज या फ्रीक्वेंसी समय के साथ लगातार बदलती रहती है। इस तरह के सिग्नल में प्रत्येक बिंदु पर डेटा होता है, न कि सिर्फ विशिष्ट पॉइंट्स पर।

फॉर्मेट्स:-

एनालॉग वीडियो को प्रसारित और रिकॉर्ड करने के लिए VHS, Betamax, और U-Matic जैसी टेप-आधारित तकनीकेां को उपयोग किया जाता था।

प्रसारण के लिए PAL (Phase Alternating Line), NTSC (National Television System Committee), और SECAM (Séquentiel couleur à mémoire) जैसे मानक एनालॉग वीडियो सिस्टम का उपयोग किया जाता था।

वीडियो सिग्नल की गुणवत्ता:-

एनालॉग वीडियो की गुणवत्ता सिग्नल की ताकत और स्टोरेज माध्यम (जैसे टेप) की स्थिति पर निर्भर करती थी।

रिज़ॉल्यूशन और फ्रेम रेट:-

एनालॉग वीडियो में रिज़ॉल्यूशन कम होता है, क्योंकि इसे डिजिटल की तरह पिक्सल में मापा नहीं जाता। उदाहरण के लिए, NTSC फॉर्मेट में लगभग 480 लाइन्स होती थीं, जबकि PAL में 576 लाइन्स होती थीं।

एनालॉग वीडियो का फ्रेम रेट भी तय रहता है। NTSC में यह 30 फ्रेम प्रति सेकंड होता है, जबकि PAL में 25 फ्रेम प्रति सेकंड।

एनालॉग वीडियो के उदाहरण:- 

VHS (Video Home System):-

VHS टेप 1970 और 1980 के दशक में घरों में वीडियो रिकॉर्डिंग और प्लेबैक के लिए प्रमुख फॉर्मेट था। यह एनालॉग सिग्नल का उपयोग करके वीडियो और ऑडियो रिकॉर्ड करता था।

Betamax:-

यह Sony द्वारा विकसित एक एनालॉग वीडियो टेप फॉर्मेट था, जो VHS का प्रतिद्वंद्वी था।

TV प्रसारण:-

एनालॉग टीवी प्रसारण पहले  सबसे अधिक इस्तेमाल होने वाला वीडियो ट्रांसमिशन तरीका था। इसमें वीडियो सिग्नल्स को एंटीना या केबल द्वारा भेजा जाता था और टीवी पर दिखाया जाता था।

एनालॉग वीडियो की समस्याएँ:-

  1. गुणवत्ता में कमी: – एनालॉग वीडियो में समय के साथ सिग्नल की गुणवत्ता में कमी आ जाती थी।
  2. सिग्नल लॉस:- जब सिग्नल को लंबे समय तक प्रसारित किया जाता था तब एनालॉग वीडियो के साथ सिग्नल लॉस की समस्या भी होती थी।
  3. कॉपी की सीमाएँ:- एनालॉग वीडियो में कॉपी की कॉपी बनाने से गुणवत्ता घट जाती थी।

Digital Video:-

डिजिटल वीडियो एक ऐसा वीडियो फॉर्मेट है, जिसमें वीडियो और ऑडियो डेटा को डिजिटल या बाइनरी रूप (0 और 1) में रिकॉर्ड, स्टोर और प्रोसेस किया जाता है। डिजिटल वीडियो का उपयोग फिल्मों, टीवी शोज़, ऑनलाइन वीडियो प्लेटफार्मों, और वीडियो स्ट्रीमिंग सेवाओं में व्यापक रूप से किया जाता है।

डिजिटल वीडियो मे बिटमैप इमेज की एक सीरिज बनती है। ये इमेज 15, 24, 30 और 60 फ्रेम प्रति सेकण्‍ड की तीव्र गति से प्रदर्शित होते है। डिजिटल वीडियो में जितने अधिक फ्रेम होंगे उतने ही अधिक मूवमेंट के विवरण कैप्‍चर या प्रर्दशित कियो जा सकेंगे।

पीसी स्‍क्रीन मे डिस्‍प्‍ले होने के लिए एनालाग वीडियो को पहले डिजिटल र्फामेट मे  कन्‍वर्ट करना होगा।

डिजिटल वीडियो बनाने के लिए वीडियो कैप्‍चर कार्ड और रिकार्डिग साफ्टवेयर आवश्‍यक होता है। कैपचर कार्ड पीसी मे इंन्‍साटल रहता है, यह वीडियो कैमरे से एनालाग सिग्‍नल प्राप्‍त करता है, और इसे रिकार्डिग साफ्टवेयर की मदद से डिजिटल फाइल में बदल देता है।

कैपचर कार्ड डिजिटल वीडियो कैमरा के अन्‍दर भी लगाया जा  सकता है, जिससे डिजिटल वीडियो आउटपुट प्राप्‍त होगा और किसी स्‍टोरेज डिवाइस जैसे पेन ड्राइव में सेव होकर पीसी में लाया जा सकता है।

डिजिटल वीडियो के लाभ:-

गुणवत्ता में सुधार:-

डिजिटल वीडियो में क्वालिटी लॉस कम होती है, क्योंकि यह एक स्थिर डिजिटल फॉर्मेट होता है। बार-बार कॉपी या प्‍ले करने पर भी इसकी गुणवत्ता नहीं घटती, जबकि एनालॉग वीडियो में यह समस्या होती थी।

डिजिटल वीडियो में इंटरएक्टिविटी का उपयोग किया जा सकता है, जैसे क्लिकेबल लिंक, एनोटेशन, और वीडियो के अंदर इंटरैक्टिव एलिमेंट्स डालना।

स्टोरेज और साझा करना:-

डिजिटल वीडियो को हार्ड ड्राइव, मेमोरी कार्ड, क्लाउड स्टोरेज आदि पर स्टोर किया जा सकता है। इसे इंटरनेट के माध्यम से आसानी से शेयर किया जा सकता है, जैसे यूट्यूब या अन्य वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स पर।

एडिटिंग में आसानी:-

डिजिटल वीडियो को आसानी से एडिट किया जा सकता है। वीडियो एडिटिंग सॉफ्टवेयर जैसे Adobe Premiere Pro, Final Cut Pro, और DaVinci Resolve का उपयोग करके डिजिटल वीडियो में कटिंग, इफेक्ट्स, और अन्य एडिटिंग की जा सकती है।

कंप्रेशन और स्टोरेज की दक्षता:-

डिजिटल वीडियो को कंप्रेस किया जा सकता है, जिससे इसकी फाइल साइज कम हो जाती है और इसे आसानी से ट्रांसफर और स्टोर किया जा सकता है।

इंटरएक्टिविटी:-

डिजिटल वीडियो में इंटरएक्टिविटी का उपयोग किया जा सकता है, जैसे क्लिकेबल लिंक, एनोटेशन, और वीडियो के अंदर इंटरैक्टिव एलिमेंट्स डालना।

डिजिटल वीडियो फॉर्मेट्स:-  

MP4 (MPEG-4):- यह सबसे आम वीडियो फॉर्मेट है। यह ऑनलाइन स्ट्रीमिंग और स्टोरेज के लिए उपयोग किया जाता है।

AVI (Audio Video Interleave):- यह एक पुराना वीडियो फॉर्मेट है। यह कई डिवाइस और प्लेयर द्वारा सपोर्ट किया जाता है।

MKV (Matroska Video):- यह एक फ्री और ओपन-सोर्स फॉर्मेट जो हाई-रिज़ॉल्यूशन वीडियो स्टोरेज के लिए उपयुक्त है।

MOV:- यह Apple के QuickTime Player के लिए विकसित किया गया फॉर्मेट है ।


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