E- MAIL, free email services, Voice chat, Text chat

ई-मेल(E-Mail)

ई-मेल (इलेक्ट्रॉनिक मेल) इंटरनेट की एक महत्वपूर्ण सेवा है, जिसके द्वारा हम डिजिटल पत्र (संदेश) कुछ ही सेकंड में विश्व में कहीं भी भेज और प्राप्त कर सकते हैं। यह पारंपरिक डाक व्यवस्था (Postal Mail) की तुलना में बहुत तेज, सस्ती और सुविधाजनक है।

ई-मेल के माध्यम से केवल टेक्स्ट ही नहीं, बल्कि चित्र, वीडियो, दस्तावेज़, सॉफ्टवेयर आदि को अटैचमेंट (Attachment) के रूप में भी भेजा जा सकता है। Gmail, Yahoo Mail, Outlook ई-मेल के सामान्य उदाहरण हैं।

ई-मेल भेजने की मूल बातें (Basics of Sending E-Mail)

ई-मेल भेजने के लिए सबसे पहले प्रेषक (Sender) का ई-मेल खाता और इंटरनेट कनेक्शन आवश्यक होता है। प्रेषक को प्राप्तकर्ता (Recipient) का सही ई-मेल पता (जैसे name@domain.com) पता होना चाहिए।

ई-मेल लिखते समय मुख्य भाग होते हैं: “To” (प्राप्तकर्ता का पता), “Subject” (विषय – संदेश का सारांश), और “Body” (मुख्य संदेश)। “Cc” (Carbon Copy) में अन्य लोगों को भी प्रति भेजी जा सकती है, और “Bcc” (Blind Carbon Copy) में प्रति तो भेजी जाती है लेकिन अन्य प्राप्तकर्ता एक-दूसरे को नहीं देख सकते।

ई-मेल भेजने के लिए SMTP (Simple Mail Transfer Protocol) प्रोटोकॉल का उपयोग किया जाता है। Send बटन दबाते ही ई-मेल प्रेषक के मेल सर्वर से होता हुआ प्राप्तकर्ता के मेल सर्वर तक पहुँच जाता है।

ई-मेल प्राप्त करने की मूल बातें (Basics of Receiving E-Mail)

ई-मेल प्राप्त करने के लिए प्राप्तकर्ता का अपना एक ई-मेल खाता होना चाहिए। जब कोई ई-मेल आता है, तो वह प्राप्तकर्ता के मेल सर्वर पर संग्रहित हो जाता है।

प्राप्तकर्ता ई-मेल देखने के लिए दो तरीकों का उपयोग कर सकता है:-

(1) POP3 (Post Office Protocol 3) – इससे ई-मेल सर्वर से डाउनलोड होकर स्थानीय डिवाइस पर आ जाता है और सर्वर से हट जाता है।

(2) IMAP (Internet Message Access Protocol) – इससे ई-मेल सर्वर पर ही रहता है और किसी भी डिवाइस (मोबाइल, लैपटॉप) से देखा जा सकता है।

ई-मेल प्राप्त करने के बाद उसे पढ़ा जा सकता है, उत्तर दिया जा सकता है (Reply), आगे भेजा जा सकता है (Forward), या डिलीट किया जा सकता है। ई-मेल को फ़ोल्डर (Inbox, Sent, Spam, Trash) में व्यवस्थित भी किया जा सकता है।

निःशुल्क ई-मेल सेवाएँ (Free Email Services)

निःशुल्क ई-मेल सेवाएँ वे सेवाएँ हैं जिनका उपयोग कोई भी व्यक्ति बिना कोई शुल्क (पैसे) चुकाए कर सकता है। ये सेवाएँ आमतौर पर विज्ञापनों (Ads) द्वारा वित्त पोषित होती हैं।

प्रमुख निःशुल्क ई-मेल सेवाएँ और उनकी विशेषताएँ:

(क) Gmail (Google) –

यह दुनिया की सबसे लोकप्रिय निःशुल्क ई-मेल सेवा है। यह 15 GB निःशुल्क स्टोरेज, स्पैम प्रोटेक्शन, स्मार्ट इनबॉक्स, और Google Drive, YouTube जैसी अन्य सेवाओं के साथ एकीकरण प्रदान करता है।

(ख) Yahoo Mail –

यह एक पुरानी और विश्वसनीय निःशुल्क ई-मेल सेवा है। यह 1 TB (1000 GB) तक निःशुल्क स्टोरेज देती है, जो Gmail से भी अधिक है। इसमें न्यूज़, कैलेंडर, और फोटो एडिटिंग जैसी सुविधाएँ भी हैं।

(ग) Outlook.com (Microsoft) –

यह Microsoft की निःशुल्क ई-मेल सेवा है (पहले Hotmail थी)। यह Microsoft Office Online, OneDrive (क्लाउड स्टोरेज), और Skype के साथ अच्छी तरह एकीकृत है। इसमें क्लीन और एड- फ्री इंटरफेस है।

(घ) अन्य सेवाएँ –

ProtonMail (सुरक्षा और एन्क्रिप्शन के लिए प्रसिद्ध), Rediffmail (भारतीय), Zoho Mail, AOL Mail भी कुछ निःशुल्क ई-मेल सेवाएँ हैं।

निःशुल्क ई-मेल सेवाओं के लाभ:

कोई मासिक शुल्क नहीं,

(2) कहीं से भी लॉगिन करके उपयोग कर सकते हैं,

(3) बड़ी स्टोरेज क्षमता,

(4) स्पैम और वायरस प्रोटेक्शन बिल्ट-इन होता है।

सीमाएँ:

विज्ञापन दिखते हैं,

बहुत अधिक ई-मेल भेजने पर प्रतिबंध (Limit) लग सकता है,

(3) कभी-कभी सुरक्षा की कमी (प्रोटॉनमेल जैसी सुरक्षित सेवाओं को छोड़कर)।

ई-मेल से संबंधित महत्वपूर्ण शब्द (Important E-Mail Terms)

  • Inbox: प्राप्त सभी ई-मेल यहाँ आते हैं।

  • Sent Mail: भेजे गए ई-मेल का संग्रह।

  • Spam/Junk: अनचाहे और प्रायः धोखाधड़ी वाले ई-मेल।

  • Trash/Deleted Items: डिलीट किए गए ई-मेल अस्थायी रूप से यहाँ रहते हैं।

  • Attachment: ई-मेल के साथ भेजी गई फ़ाइल (जैसे फोटो, PDF)।

  • Reply: केवल भेजने वाले को उत्तर देना।

  • Reply All: सभी प्राप्तकर्ताओं (To और Cc) को उत्तर देना।

  • Forward: प्राप्त ई-मेल को किसी तीसरे व्यक्ति को भेजना।

इंटरनेट चैटिंग (Internet Chatting)

इंटरनेट चैटिंग एक ऑनलाइन संचार सेवा है, जिसमें दो या अधिक उपयोगकर्ता इंटरनेट के माध्यम से रियल-टाइम (तत्काल) संदेशों का आदान- प्रदान करते हैं। यह ई-मेल से अलग है क्योंकि इसमें संदेश तुरंत पहुँचता है और प्रतिक्रिया भी तुरंत मिलती है।

चैटिंग मुख्यतः दो प्रकार की होती है –

टेक्स्ट चैट और वॉयस चैट।

1. टेक्स्ट चैट (Text Chat)

टेक्स्ट चैट में उपयोगकर्ता कीबोर्ड के माध्यम से लिखित संदेश (अक्षर, शब्द, वाक्य) टाइप करके भेजते हैं और दूसरा व्यक्ति उन्हें पढ़कर तुरंत उत्तर देता है। यह चैटिंग का सबसे सरल और आम रूप है, जिसमें कम बैंडविड्थ (इंटरनेट स्पीड) की आवश्यकता होती है।

उदाहरण एवं प्लेटफॉर्म:

WhatsApp, Facebook Messenger, Telegram, Signal, Discord (टेक्स्ट चैनल), और पुरानी सेवाएँ जैसे IRC (Internet Relay Chat) और Google Talk। इनमें टेक्स्ट के साथ इमोजी, स्टिकर, GIF, फोटो, वीडियो और दस्तावेज़ भी भेजे जा सकते हैं।

विशेषताएँ:

(1) संदेश इंस्टेंट (तत्काल) पहुँचते हैं,

(2) एक- से- एक (Private Chat) या समूह (Group Chat) में बातचीत संभव है,

(3) टाइपिंग इंडिकेटर (दिखता है कि सामने वाला टाइप कर रहा है),

(4) रीड रिसीट (पढ़ लिया / देख लिया) की सुविधा। टेक्स्ट चैट कम इंटरनेट स्पीड (2G/3G) पर भी आसानी से चल जाती है।

2. वॉयस चैट (Voice Chat)

वॉयस चैट में उपयोगकर्ता इंटरनेट के माध्यम से अपनी आवाज (स्पीकर और माइक्रोफोन का उपयोग करके) रियल- टाइम में दूसरे व्यक्ति तक भेजते हैं, जैसे टेलीफोन पर बात करना। यह VoIP (Voice over Internet Protocol) तकनीक पर आधारित होता है, जो आवाज को डिजिटल पैकेट में बदलकर भेजता है।

उदाहरण एवं प्लेटफॉर्म:

WhatsApp और Telegram का वॉयस कॉल फीचर, Discord (वॉयस चैनल), Skype, Google Meet, Zoom, और पुरानी सेवाएँ जैसे TeamSpeak। यह ऐप्स टेक्स्ट और वॉयस दोनों की सुविधा देते हैं।

विशेषताएँ:

(1) बात करने का प्राकृतिक और त्वरित तरीका, टाइपिंग की आवश्यकता नहीं,

(2) ग्रुप वॉयस कॉल (एक साथ कई लोगों से बात) की सुविधा,

(3) गेमिंग (PUBG, Free Fire) में टीम के साथ समन्वय के लिए अत्यधिक उपयोगी,

(4) पारंपरिक फोन कॉल की तुलना में बहुत सस्ती (लगभग मुफ्त) है।

आवश्यकताएँ:

वॉयस चैट के लिए टेक्स्ट चैट की तुलना में अधिक बैंडविड्थ (कम से कम 4G या ब्रॉडबैंड) तथा माइक्रोफोन और स्पीकर (या हेडफोन) की आवश्यकता होती है। अच्छी गुणवत्ता के लिए स्थिर इंटरनेट कनेक्शन जरूरी है।

चैटिंग के अन्य प्रकार

वीडियो चैट (Video Chat):

यह वॉयस चैट का उन्नत रूप है, जिसमें आवाज के साथ- साथ लाइव वीडियो (कैमरा) भी दिखता है। उदाहरण: Zoom, Google Meet, Skype, WhatsApp वीडियो कॉल। यह सबसे अधिक बैंडविड्थ (5G/वाई-फाई) मांगता है।

ग्रुप चैट (Group Chat):

टेक्स्ट या वॉयस, दोनों ही प्रकारों में एक साथ कई लोगों (जैसे फैमिली ग्रुप, ऑफिस टीम) के साथ चैट की जा सकती है।

सुरक्षा पहलू:

चैटिंग के दौरान व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से बचना चाहिए। आजकल एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन (जैसे WhatsApp, Signal) वाली से

Exam Questions-

1- ई-मेल क्‍या है आरेख के साथ ई-मेल भेजने और प्राप्‍त करने की मूल बातें बताइए। mcu-2019

2-आरेख के साथ ई-मेल भेजने और प्राप्‍त करने की विस्‍तार से चर्चा कीजिए। mcu-2024

3- ई-मेल से आप क्‍या समझते है ई-मेल के लाभ लिखिए। mcu -june 2024

4-इंटरनेट चैटिंग से आप क्‍या समझते है? विस्‍तार से व्‍याख्‍या कीजिए। mcu – june 2024

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