World Wide Web(www) History, Working, web browsers, its functions,

वर्ल्ड वाइड वेब (WWW) – World Wide Web

वर्ल्ड वाइड वेब (WWW या केवल Web) इंटरनेट पर उपलब्ध हाइपरलिंक्ड दस्तावेज़ों और वेबसाइटों की एक विशाल प्रणाली है, जिसे वेब ब्राउज़र के माध्यम से देखा जा सकता है। यह इंटरनेट की सबसे लोकप्रिय सेवा है, लेकिन यह इंटरनेट का केवल एक भाग है (इंटरनेट सड़क है, WWW उस पर चलने वाली गाड़ियाँ हैं)। WWW HTTP/HTTPS प्रोटोकॉल और HTML भाषा पर आधारित है।

WWW का इतिहास (History of WWW)

WWW का आविष्कार टिम बर्नर्स- ली (Tim Berners- Lee) ने 1989 में CERN (यूरोपीय परमाणु अनुसंधान संगठन, स्विट्जरलैंड) में किया था। उनका उद्देश्य वैज्ञानिकों के बीच सूचना साझा करने के लिए एक स्वचालित प्रणाली बनाना था।

वर्ष 1990 में उन्होंने तीन महत्वपूर्ण तकनीकों का विकास किया:

(1) HTML (HyperText Markup Language) – वेब पेज बनाने की भाषा,

(2) HTTP (HyperText Transfer Protocol) – डेटा ट्रांसफर का नियम,

(3) URL (Uniform Resource Locator) – वेब पेज का पता। 1991 में पहली वेबसाइट (info.cern.ch) लॉन्च हुई।

1993 में Mosaic नामक पहला ग्राफिकल वेब ब्राउज़र आया, जिससे WWW आम जनता तक पहुँच गया। 1994 में Tim Berners- Lee ने W3C (World Wide Web Consortium) की स्थापना की, जो वेब मानकों को निर्धारित करता है। आज WWW अरबों वेबसाइटों और पेजों का विशाल भंडार है।

WWW की कार्यप्रणाली (Working of WWW)

WWW क्लाइंट- सर्वर मॉडल पर कार्य करता है। क्लाइंट वह उपयोगकर्ता का कंप्यूटर या मोबाइल होता है जिसमें ब्राउज़र चल रहा होता है, और सर्वर वह कंप्यूटर होता है जिस पर वेबसाइट संग्रहीत (होस्ट) होती है।

कार्यप्रणाली के चरण:

  1. URL टाइप करना: उपयोगकर्ता ब्राउज़र में URL (जैसे www.google.com) टाइप करता है और Enter दबाता है।

  2. DNS रिज़ॉल्यूशन: ब्राउज़र DNS (Domain Name System) सर्वर से संपर्क करता है, जो डोमेन नाम (google.com) को IP एड्रेस (जैसे 142.250.183.46) में बदलता है। कंप्यूटर IP एड्रेस समझता है, नाम नहीं।

  3. HTTP अनुरोध (Request): ब्राउज़र HTTP प्रोटोकॉल का उपयोग करके सर्वर (जिसका IP मिल चुका है) को एक अनुरोध भेजता है – “मुझे यह वेब पेज दो”।

  4. सर्वर की प्रतिक्रिया (Response): सर्वर अनुरोधित फ़ाइल (HTML, CSS, JavaScript, चित्र) ढूंढता है और उसे HTTP प्रतिक्रिया के रूप में ब्राउज़र को वापस भेजता है।

  5. पेज रेंडर करना (Rendering): ब्राउज़र प्राप्त HTML कोड को पढ़ता है, उसे डिकोड करता है, और स्क्रीन पर एक सुंदर दिखने वाला वेब पेज (टेक्स्ट, चित्र, लिंक, बटन) प्रदर्शित (रेंडर) करता है। यह पूरी प्रक्रिया सेकंडों में पूरी होती है।

  6. चित्रात्मक सारांश: यूजर (ब्राउज़र) → DNS → IP एड्रेस → सर्वर → HTTP अनुरोध → सर्वर से प्रतिक्रिया → ब्राउज़र में पेज दिखना।

वेब ब्राउज़र (Web Browsers)

वेब ब्राउज़र एक सॉफ्टवेयर एप्लिकेशन है जो WWW पर उपलब्ध वेब पेजों, चित्रों, वीडियो और अन्य सामग्री को प्राप्त करता है, व्याख्या करता है और उपयोगकर्ता को प्रदर्शित करता है। यह क्लाइंट और सर्वर के बीच मध्यस्थ का कार्य करता है।

प्रमुख वेब ब्राउज़र:

ब्राउज़र का नाम – विकासकर्ता कंपनी – विशेषता

1- Google Chrome– Google – दुनिया का सबसे लोकप्रिय ब्राउज़र, तेज, सुरक्षित, एक्सटेंशन सपोर्ट

2- Mozilla Firefox- Mozilla Foundation- ओपन- सोर्स, गोपनीयता पर फोकस, कम संसाधनों में कुशल

3- Microsoft Edge- Microsoft- Windows में पहले से इंस्टॉल, Chromium इंजन पर आधारित (अब तेज)

4- Safari- Apple- Mac और iOS (iPhone/iPad) के लिए डिफ़ॉल्ट ब्राउज़र

5- Opera- Opera Software- बिल्ट- इन VPN, एड- ब्लॉकर, और बैटरी सेवर मोड

6- Brave- Brave Software- विज्ञापनों को ब्लॉक करता है, गोपनीयता का ध्यान रखता है

वेब ब्राउज़र के कार्य (Functions of Web Browser)

वेब ब्राउज़र के कार्य निम्न है –

1- URL को समझना –

उपयोगकर्ता द्वारा टाइप किए गए URL (पता) को पहचानता है और उस संसाधन को ढूंढता है।

2- DNS सर्वर से संपर्क-

डोमेन नाम (जैसे google.com) को IP एड्रेस (संख्यात्मक पता) में बदलने के लिए DNS को कॉल करता है।

3- HTTP/S अनुरोध भेजना-

वेब सर्वर को GET, POST, PUT आदि HTTP अनुरोध भेजकर डेटा मांगता है।

4- HTML/CSS/JS रेंडर करना-

सर्वर से प्राप्त HTML (संरचना), CSS (स्टाइल/रंग/लेआउट), और JavaScript (इंटरैक्टिविटी) को समझता है और उन्हें विजुअल पेज में बदलता है।

5- कैशिंग (Caching)-

बार- बार उपयोग होने वाली फ़ाइलों (जैसे लोगो, CSS) को अस्थायी रूप से स्टोर करता है, जिससे बाद में वेब पेज तेजी से लोड होता है।

6- कुकीज़ प्रबंधन-

वेबसाइटों द्वारा भेजी गई छोटी फ़ाइलों (कुकीज़) को सेव करता है, जो लॉगिन स्टेट, थीम, कार्ट जैसी जानकारी याद रखती हैं।

7- बुकमार्क/हिस्ट्री-

उपयोगकर्ता को पसंदीदा वेबसाइटों को सेव (बुकमार्क) करने और पहले देखे गए पेजों का इतिहास देखने की सुविधा देता है।

8- एक्सटेंशन सपोर्ट-

एड-ब्लॉकर, पासवर्ड मैनेजर, ग्रामर चेकर जैसे अतिरिक्त फीचर ऐड-ऑन के रूप में जोड़ने देता है।

9- सुरक्षा सुविधाएँ-

फ़िशिंग और मैलवेयर साइटों से बचाता है, HTTPS को प्राथमिकता देता है, और प्राइवेट (इन्कॉग्निटो) मोड प्रदान करता है।

10- डाउनलोड मैनेजर-

इंटरनेट से फाइलें (PDF, चित्र, सॉफ्टवेयर) डाउनलोड करने और उनकी प्रगति दिखाने का कार्य करता है।

Exam Questions-

1-वेब ब्राउजर क्‍या है और इसके कार्य लिखिए। पॉंच वेब ब्राउजर के नाम भी लिखिए।- mcu 2023

2-वेब ब्राउजर क्‍या है वेब ब्राउजर की विभिन्‍न सेवाऍं लिखिए। mcu 2024

3-वेब ब्राउजर क्‍या है डब्‍लू डब्‍लू डब्‍लू की विभिन्‍न सेवाऍं लिखिए। mcu2019

4- निम्‍न पर संक्षिप्‍त टिप्‍प्णी लिखिए: mcu2019

प्रोटोकाल

वेब ब्राउजर

यू आर एल एस

टीसीपी- आईपी प्रोटोकाल

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