CorelDRAW User Interface: Key Components, Tool panels and workspace

Paper 4-Multimedia with Corel

Unit I
Unit II
Unit III
Unit IV
Unit V

Syllabus 2026- CorelDraw- User Interface, Introduction to tool panel and workspaces, Introduction to various size and formats of panels and layouts, File layouts and layout properties, Objects and using color profiles.

Coreldraw के यूजर इंटरफेस (UI):-

कोरल ड्रा के वर्क स्पेस को निम्न भाग में विभाजित किया गया है:- 

1. मुख्य विंडो कॉम्पोनेंट्स:-

टाइटल बार (Title Bar)– यह सबसे ऊपर होती है, इसमें फाइल का नाम और सॉफ्टवेयर का नाम दिखता है।
मेनू बार (Menu Bar)– इस बार में Edit, View, Layout जैसे ऑप्शन्स होते हैं।
स्टैंडर्ड टूलबार (Standard Toolbar)– इस बार में Open, Save, Print, Cut, Copy, Paste जैसे बेसिक टूल्स होते है।
प्रॉपर्टी बार (Property Bar)–यह किसी टूल को सलेक्ट करने पर ओपन होती है ।इसमें सिलेक्टेड टूल या ऑब्जेक्ट के अनुसार सेटिंग्स बदलती रहती है (जैसे – साइज़, कलर, फॉन्ट)।
टूलबॉक्स (Toolbox)– यह बाएं साइड में होती है इसमें ड्रॉइंग और एडिटिंग टूल्स (जैसे– Pick Tool, Shape Tool, Pen Tool, Text Tool) होते है।
रूलर्स और गाइड्स (Rulers & Guides) – यह बार डिज़ाइन को प्रिसाइज बनाने में मदद करते हैं।
कलर पैलेट (Color Palette) – डिज़ाइन में कलर सिलेक्ट करने के लिए उपयोग में आती है। यह आमतौर पर स्क्रीन के दाएं तरफ ओपन होती है।
डॉकिंग विंडोज (Docking Windows) – ये Manager, Color Styles, Effects जैसे पैनल्स होते है जिन्हें ओपन/क्लोज किया जा सकता है।
ड्रॉइंग विंडो (Drawing Window/Page) – यह ही मुख्य वर्क एरिया है। यहाँ डिज़ाइन बनाया जाता है।

Title Bar:-

Title  Bar, कोरलड्रा विंडो के सबसे ऊपर बायें तरफ होता है। यहाँ पर हम जिस फाइल में काम कर रहे होते है उसका नाम दिखाई देता है।

यदि हमने अपनी फाइल को सुरक्षित (Save) नहीं किया है तो वहाँ पर अनटाइटल्ड (Untitled) प्रदर्शित करेगा।

यदि फाइल सुरक्षित (Save) की गई है, तो फाइल की लोकेशन के साथ-साथ फाइल का नाम दिखाई देगा. 

Menu Bar:-

यह टाइटल बार के नीचे पट्टी के रूप में रहती है। इसके अंदर विभिन्न प्रकार के कमांड्स category के अनुसार प्रदर्शित होते है। जिन्हे हम अपनी जरूरत के अनुसार प्रयोग में लाते हैं। 

Standard Bar(स्टैण्डर्ड बार):-

इस बार में कुछ ऐसे कमांड्स का शॉर्टकट संग्रह होता है जो सभी प्रकार के डिज़ाइन बनाने में उपयोगी होते है। इस बार में निम्न प्रकार के कमांड्स का शॉर्टकट संग्रह होता है, जैसे – 

New (नई फाइल बनाने के लिए ) 

Open (पहले से बानी हुई किसी फाइल को खोलने के लिए ) 

Save ( किसी ड्राइंग/ फाइल को सेव करने के लिए ) 

Print ( किसी ड्राइंग/फाइल का प्रिंटआउट लेने के लिए ) 

Copy (सेलेक्ट किये ऑब्जेक्ट को क्लिपबोर्ड पर कॉपी करने के लिए ) 

Cut (सेलेक्ट किये गए ऑब्जेक्ट को क्लिपबोर्ड पर मूव करनेके लिए ) 

Paste (क्लिपबोर्ड पर कॉपी या कट किये गए ऑब्जेक्ट को दूसरी जगह लाने के लिए ) 

undo (अगले स्टेप से पिछले स्टेप पर जाने के लिए) 

Redo (पिछले स्टेप से अगले स्टेप पर जाने के लिए) 

Import (किसी भी कॉरेल्ड्रा सपोर्टेड फ़ाइल को कॉरेल्ड्रा के पेज में लाने के लिए) 

Export (बने हुए डिज़ाइन को किसी दूसरे फॉर्मेट जैसे- jpg, pdf आदि के रूप में सेव करने के लिए 

Zoom (ड्राइंग पेज की view साइज को कम या अधिक करने के लिए)

टूल बार:-

कोरलड्रा के विंडो का सबसे पहला भाग टूल बॉक्स/टूल बार होता है।इसके द्वारा हम अपने ड्राइंग बनाने की शुरुआत करते है। ड्राइंग बनाने के लिए जिन उपकरणों की जरूरत होती है उन्हें  टूल्स कहा जाता है। ये सभी टूल्स, टूल बार में उपलबध होते है। टूल बार एक डॉकिंग विंडो होती है जिसे अपनी पसंद के अनुसार दुसरी जगह ड्रैग और ड्राप कर सकते है।

Drawing  Window (ड्राइंग विंडो):-

कोरलड्रा विंडो के Work space का वह भाग जो Drawing Page के चारों तरफ एक Blank (खाली) जगह के रूप में होता है ड्राइंग विंडो कहते है ।

यह Space एक रफ़ पेज की तरह होता है, यहाँ पर हम अपनी जरूरत के अनुसार कोई भी डिज़ाइन बना सकते हैं।

Agar हमारे Drawing Page में दूसरा डिज़ाइन बनाने के लिए जगह नहीं है, तो इस हिस्से में हम ड्राइंग बना सकते हैं और फिर अपनी जरूरत के अनुसार Drawing Page में व्यस्थित कर सकते है।

Property Bar(प्रॉपर्टी बार):-

यह बार Standard Bar के ठीक नीचे की तरफ होता है। जो टूल उपयोग करने के लिए सेलेक्ट किया गया है उसकी प्रापर्टीज इस बार में प्रदर्शित होती है।

यहाँ से हम अपने डिज़ाइन  में परिवर्तन कर सकते है। जैसे- डिज़ाइन का साइज़ बदलना, डिज़ाइन को घुमाना (Rotate), ग्रुप करना इत्यादि

Docker(डॉकर):-

यह एक छोटा सा विंडो होता है, जो कुछ टूल्स के प्रॉपर्टीज बदलने के लिए अलग से ओपन हो जाता है।  ड्राइंग विंडो के दाहिने साइड में यह  विंडो खुलता है। इसे  डॉकर कहते हैं। इसका प्रयोग करने के बाद इसे बंद भी कर सकते है।

उदाहरण के लिए जैसे हमने एक रेक्टेंगल पर क्लिक करके उसको सेलेक्ट किया, उसके बाद इफ़ेक्ट मेनू में जाकर कंटूर कमांड पर क्लिक किया, ऐसे करते ही हमारे सामने डॉकर विंडो ओपन हो जायेगा।

यहाँ पर अन्य विभिन्न सेटिंग्स होंगी जहाँ से हम अपनी जरूरत के अनुसार चुन कर उपयोग कर सकते है।

Ruler Bar(रूलर बार):-

डिजाईन बनाते समय उसका माप लेने की जरूरत पड़ती है। माप की सुविधा के लिए कोरलड्रा के विंडो में रूलर बार का आप्शन होता है। यह हमारी ड्राइंग विंडो की उपरी तरफ और बायीं तरफ होता है। यह एक स्केल की तरह काम करता है।

इसके द्वारा हम अपने डिजाईन या ऑब्जेक्ट की साइज़ को बहुत ही आसानी  से नाप सकते हैं। 

Document Bar (डॉक्यूमेंट बार):-

डॉक्यूमेंट बार ड्राइंग विंडो के बायीं तरफ सबसे नीचे होता है। इसकी सहायता से हम अपने पेज में कोई नया पेज जोड़ सकते हैं। पेज को मिटा सकते है, रीनेम कर सकते है, डुप्लीकेट कॉपी बना सकते हैं, पेज की स्थित को बदल सकते हैं और एक पेज से दूसरे पेज पर आसानी से जा सकते है।

Drawing Page(ड्राइंग पेज):-

यह ड्राइंग विंडो के सबसे बीच मे होता है।  हम जो भी डिज़ाइन बनाते हैं, उसे इस ड्राइंग विंडो के अंदर होना चाहिए नहीं तो उसका आउटपुट नहीं ले सकेंगे।

Status Bar(स्टेटस बार):-

स्टेटस बार विंडो के सबसे नीचे की ओर होता है। यहाँ पर सेलेक्ट किये गए ऑब्जेक्ट की डिटेल्स जैसे-ऑब्जेक्ट के अंदर इस्तेमाल किया गया रंग / पैटर्न / टेक्सचर, आउटलाइन, कलर फॉरमेट (RGB / CMYK) आदि प्रदर्शित होता है।

Color Palette (कलर पैलेट):-

कलर पैलेट ड्राइंग विंडो का मुख्य भाग होता है। इसका इस्तेमाल किये बिना हम किसी भी डिज़ाइन को प्रभावी नहीं बना सकते। यह सभी प्रकार के रंगों का एक समूह होता है  जहाँ से हम अपनी जरूरत के अनुसार रंगो का चयन कर सकते हैं और अपने ड्राइंग में इस्तेमाल कर सकते हैं।

इसे एक्टिव करने के लिए window मेनू में जाकर color palette पर click करके कलर पैलेट चुन सकते है।

Exam Questions:-

प्र०१- कोरल-ड्रा के विन्‍डों का सचित्र वर्णन कीजिये।        फरवरी २०२२

प्र०2- कोरल-ड्रा के मेनू बार का परिचय दीजिए।      फरवरी २०२२

प्र०३- कोरलड्रॉ के स्‍क्रीन एवं वर्क एरिया का संक्षिप्‍त विवरण दीजिये। फरवरी २०१९

प्र०4- कोरल-ड्रा में कलर पैलेट का क्‍या उपयोग है ? इसमें डाक और फ्लोट किस प्रकार एप्‍लाई किया जाता है? समझाइये।  फरवरी २०२२

प्र०५- कोरल-ड्रॉ के विभिन्‍न टूलों की सूची बनाइये। फरवरी २०१९

प्र०६- पेज की सेटिंग और डिजाइन में शामिल सोपानों के बारे में चर्चा कीजिए। फरवरी २०१९

प्र०7- पोलीगोनल टूल को समझाइये। जनवरी २०१९

प्र०8- कोरल ड्रॉ के पेज लेआउट फीचर्स पर संक्षेप में लिखिये। जनवरी २०१९

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