Power-Point-Handout-animation-Transition

1. हैंडआउट (Handout)

हैंडआउट (Handout) PowerPoint प्रेजेंटेशन का एक मुद्रित (Printed) रूप होता है, जिसे दर्शकों को वितरित किया जाता है। इसमें प्रेजेंटेशन की स्लाइड्स को छोटे-छोटे रूप में एक या अधिक प्रति पृष्ठ (प्रति पेज) पर छापा जाता है।

हैंडआउट की विशेषताएँ:

यह दर्शकों को प्रेजेंटेशन का सारांश (Summary) प्रदान करता है। दर्शक हैंडआउट पर नोट्स बना सकते हैं। यह स्लाइड्स को याद रखने और समझने में सहायक होता है।

PowerPoint में हैंडआउट को 1, 2, 3, 4, 6 या 9 स्लाइड्स प्रति पृष्ठ के रूप में छापा जा सकता है।

हैंडआउट कैसे बनाएँ? (How to Create Handout?)

1. File Tab → Print पर क्लिक करें (या Ctrl + P दबाएँ)-> Settings के अंतर्गत Full Page Slides पर क्लिक करें -> ड्रॉप-डाउन मेनू से Handouts चुनें।

2. अपनी आवश्यकता अनुसार प्रति पृष्ठ स्लाइड्स की संख्या चुनें (जैसे 3 Slides, 4 Slides, आदि) -> Print बटन पर क्लिक करें।

हैंडआउट मास्टर (Handout Master):

– View Tab → Master Views → Handout Master पर जाएँ।

– यहाँ से हैंडआउट के लेआउट, हेडर, फूटर, पेज नंबर आदि को अनुकूलित (Customize) कर सकते हैं -> यह परिवर्तन सभी हैंडआउट पेजों पर लागू होते हैं।

कॉलम (Columns)

कॉलम (Columns) PowerPoint में टेक्स्ट को एक स्लाइड पर खड़ी पट्टियों (Vertical strips) में विभाजित करने की सुविधा है। यह सुविधा विशेष रूप से तब उपयोगी होती है जब आप तुलना (Comparison) दिखाना चाहते हैं या लंबे टेक्स्ट को व्यवस्थित करना चाहते हैं।

कॉलम का उपयोग कहाँ होता है?

– समाचार पत्र (Newspaper) शैली में टेक्स्ट लिखने के लिए।

– दो या अधिक वस्तुओं की तुलना (Compare) करने के लिए।

– स्लाइड पर अधिक जानकारी को सुव्यवस्थित रूप से रखने के लिए।

कॉलम कैसे बनाएँ (How to Create Columns)-

 पॉवर पॉइंट में कालम इन्सर्ट करने की प्रक्रिया ms वर्ड जैसी ही है .

 लिस्ट (सूचियाँ) – Lists

लिस्ट (List) PowerPoint में सूचनाओं को बिंदुओं (Points) के रूप में व्यवस्थित करने की सुविधा है। यह स्लाइड को साफ-सुथरा और पढ़ने में आसान बनाती है।

यहाँ लिस्ट बनाने की प्रक्रिया ms वर्ड जैसे ही है .

Adding Graphics, Shapes and Screenshots

PowerPoint में presentation को आकर्षक बनाने के लिए images, shapes, icons और screenshots जोड़े जा सकते हैं। यह विकल्प Insert tab में उपलब्ध होता है। Graphics से presentation अधिक प्रभावी बनती है। इससे दर्शकों का ध्यान भी बना रहता है।

SmartArt and Charts

SmartArt का उपयोग diagram और process को visually दिखाने के लिए किया जाता है। Charts का उपयोग data को graphical form में प्रस्तुत करने के लिए किया जाता है। इससे information को समझना आसान हो जाता है। Business presentations में charts बहुत उपयोगी होते हैं।

Adding Sound and Video

PowerPoint में slides में audio और video files भी जोड़ी जा सकती हैं। इससे presentation अधिक interactive और प्रभावी बनती है। Sound का उपयोग background music के रूप में किया जा सकता है। Video के माध्यम से किसी विषय को बेहतर तरीके से समझाया जा सकता है।

 Designing and Running a Slide Show

Slide show presentation का final display होता है जिसमें slides क्रम से दिखाई जाती हैं। इसे Slide Show → From Beginning से शुरू किया जा सकता है। इसमें presenter audience को जानकारी समझाता है। Slide show seminars और meetings में उपयोग किया जाता है।

Slide Background and Slide Size

PowerPoint में slide background का रंग, image या pattern बदला जा सकता है। इससे presentation अधिक आकर्षक बनती है। Slide size भी बदला जा सकता है जैसे Standard (4:3) और Widescreen (16:9)। सही slide size से presentation screen पर सही तरीके से दिखाई देती है।

एनीमेशन (What is Animation?)

एनीमेशन (Animation) PowerPoint में स्लाइड के अंदर मौजूद ऑब्जेक्ट्स (जैसे टेक्स्ट, चित्र, शेप, चार्ट, आदि) में गति (Motion) या प्रभाव (Effect) जोड़ने की प्रक्रिया है। यह ऑब्जेक्ट्स को स्लाइड पर आने, जाने, घूमने, या हाइलाइट होने का तरीका निर्धारित करता है। सरल शब्दों में, एनीमेशन स्लाइड के अंदर की चीज़ों को हिलाता या बदलता है।

एनीमेशन के उदाहरण:

– टेक्स्ट का एक-एक करके आना (Appear)

– चित्र का ऊपर से नीचे आना (Fly In)

– शीर्षक का घूमते हुए आना (Spin)

– किसी बिंदु का रंग बदलना (Highlight)

एनीमेशन के प्रकार (Types of Animation):

PowerPoint में एनीमेशन को चार मुख्य श्रेणियों में बाँटा गया है:

Entrance (प्रवेश) – ऑब्जेक्ट स्लाइड पर आता है (दिखने लगता है) – Appear, Fade, Fly In, Wipe

Emphasis (जोर) – ऑब्जेक्ट स्लाइड पर पहले से है, उसमें बदलाव आता है – Grow/Shrink, Spin, Bold Flash, Change Color

Exit (निकास) – ऑब्जेक्ट स्लाइड से चला जाता है (गायब हो जाता है)-  Disappear, Fade Out, Fly Out, Float Out

Motion Paths (गति पथ)-  ऑब्जेक्ट एक निर्धारित रास्ते (Lines, Curves, Shapes) पर चलता है – Lines, Arcs, Turns, Custom Path

एनीमेशन कैसे लगाएँ? (How to Apply Animation?)

1. उस ऑब्जेक्ट (टेक्स्ट, चित्र, शेप) का चयन करें जिसमें एनीमेशन लगाना है।

2. Animation Tab पर क्लिक करें -> Animation Gallery से कोई एनीमेशन प्रभाव चुनें।

3. Effect Options से एनीमेशन की दिशा या क्रम बदल सकते हैं (जैसे Left to Right, Top to Bottom)।

एनीमेशन सेटिंग्स (Animation Settings):

 Start – एनीमेशन कब शुरू होगा – On Click (क्लिक करने पर), With Previous (पिछले के साथ), After Previous (पिछले के बाद)

 Duration – एनीमेशन कितनी देर (सेकंड) में पूरा होगा

 Delay – पिछली घटना के कितनी देर बाद यह एनीमेशन शुरू होगा

 Animation Pane – सभी एनीमेशन की सूची देखने और उनका क्रम बदलने के लिए (Animation Tab → Animation Pane)

एनीमेशन के उपयोग (Uses of Animation):

– प्रेजेंटेशन को आकर्षक और जीवंत बनाने के लिए।

– बुलेट पॉइंट्स को एक-एक करके दिखाने के लिए (ताकि दर्शक ध्यान से सुनें)।

– किसी विशेष बिंदु पर ध्यान आकर्षित करने के लिए।

– स्टोरीटेलिंग या प्रोडक्ट डेमो के लिए।

 2. ट्रांज़िशन क्या है? (What is Transition?)

ट्रांज़िशन (Transition) PowerPoint में एक स्लाइड से दूसरी स्लाइड पर जाने के दौरान दिखने वाला प्रभाव होता है। यह तय करता है कि पिछली स्लाइड कैसे जाएगी और अगली स्लाइड कैसे आएगी। सरल शब्दों में, ट्रांज़िशन स्लाइड्स के बीच का दृश्य बदलाव है।

ट्रांज़िशन के उदाहरण:

  • फेड (Fade) – वर्तमान स्लाइड का धीरे-धीरे लुप्त होकर अगली स्लाइड में परिवर्तित होना।
  • कट (Cut) – एक स्लाइड का तुरंत समाप्त होकर अगली स्लाइड का प्रदर्शित होना।
  • पुश (Push) – नई स्लाइड द्वारा वर्तमान स्लाइड को एक दिशा में हटाकर उसका स्थान लेना।
  • पेज कर्ल (Page Curl) – स्लाइड का पुस्तक के पृष्ठ की भाँति मुड़ते हुए अगली स्लाइड में बदलना।

PowerPoint में ट्रांज़िशन की मुख्य श्रेणियाँ (Types of Transition):

PowerPoint में उपलब्ध ट्रांज़िशन प्रभावों को मुख्यतः तीन श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है:

1. Subtle (सूक्ष्म ट्रांज़िशन)

ये सरल, साफ़ और पेशेवर प्रभाव होते हैं। अधिकांश शैक्षणिक तथा व्यावसायिक प्रस्तुतियों में इनका उपयोग उपयुक्त माना जाता है।

उदाहरण: Fade, Push, Wipe, Split

2. Exciting (आकर्षक ट्रांज़िशन)

ये अधिक आकर्षक एवं नाटकीय प्रभाव प्रदान करते हैं। इनका उपयोग सीमित मात्रा में करना चाहिए ताकि प्रस्तुति अत्यधिक भड़कीली न लगे।

उदाहरण: Airplane, Curtains, Doors, Page Curl

3. Dynamic Content (गतिशील सामग्री ट्रांज़िशन)

ये ट्रांज़िशन पूरी स्लाइड के बजाय स्लाइड के भीतर मौजूद सामग्री (जैसे टेक्स्ट, चित्र या ऑब्जेक्ट) पर प्रभाव डालते हैं।

उदाहरण: Pan, Zoom, Rotate

नोट: प्रभावी और पेशेवर प्रस्तुति के लिए सामान्यतः Subtle श्रेणी के ट्रांज़िशन को प्राथमिकता दी जाती है।

ट्रांज़िशन कैसे लगाएँ? (How to Apply Transition?)

1. उस स्लाइड का चयन करें जिस पर ट्रांज़िशन प्रभाव लगाना है।

2. Transitions Tab पर क्लिक करें-> Transition Gallery से कोई प्रभाव चुनें।

3. Effect Options से प्रभाव की दिशा (Direction) चुनें (जैसे From Left, From Top)।

ट्रांज़िशन सेटिंग्स (Transition Settings – महत्वपूर्ण):

 Sound – स्लाइड बदलते समय कोई आवाज़- (Applause, Chime, Wind, आदि) जोड़ने के लिए

 Duration-  ट्रांज़िशन प्रभाव कितने सेकंड में पूरा होगा- (डिफ़ॉल्ट 1 सेकंड)

 On Mouse Click – माउस क्लिक करने पर अगली स्लाइड जाएगी- (डिफ़ॉल्ट चालू)

 After-  निश्चित समय (सेकंड) के बाद स्वचालित रूप से अगली स्लाइड चली जाएगी

 Apply To All-  चयनित ट्रांज़िशन प्रभाव को सभी स्लाइड्स पर एक साथ लगाने के लिए

ट्रांज़िशन के उपयोग (Uses of Transition):

– प्रेजेंटेशन को सुचारू (Smooth) बनाने के लिए।

– विभिन्न विषयों (Topics) के बीच बदलाव दिखाने के लिए।

– प्रेजेंटेशन को पेशेवर और आकर्षक बनाने के लिए।

– स्वचालित स्लाइड शो (जैसे डिस्प्ले स्क्रीन पर) के लिए।

सरल उदाहरण से समझें:

– मान लीजिए आपके पास दो स्लाइड हैं – स्लाइड 1 और स्लाइड 2।

– ट्रांज़िशन: स्लाइड 1 से स्लाइड 2 पर जाने के बीच का प्रभाव (जैसे Fade – धीरे-धीरे बदलना)।

– एनीमेशन: स्लाइड 1 के अंदर टेक्स्ट या चित्र पर लगने वाला प्रभाव (जैसे टेक्स्ट का उड़कर आना)।

 4. एनीमेशन और ट्रांज़िशन के लाभ और सीमाएँ (Advantages and Limitations)

लाभ (Advantages):

– प्रेजेंटेशन को आकर्षक और पेशेवर बनाते हैं।

– दर्शकों का ध्यान बनाए रखते हैं।

– जानकारी को चरणबद्ध तरीके से प्रस्तुत करने में सहायक हैं।

– स्लाइड शो को सुचारू और जीवंत बनाते हैं।

सीमाएँ (Limitations):

– अत्यधिक एनीमेशन और ट्रांज़िशन प्रेजेंटेशन को अव्यवसायिक (Unprofessional) बना सकते हैं।

– धीमे कंप्यूटर पर प्रभाव सही से नहीं दिखते।

– समय की बर्बादी हो सकती है यदि प्रेजेंटेशन लंबा हो।

– कुछ दर्शकों को यह भ्रमित करने वाला लग सकता है।

 एनीमेशन-  स्लाइड के अंदर की वस्तुओं (टेक्स्ट, चित्र) में गति या प्रभाव

 ट्रांज़िशन-  एक स्लाइड से दूसरी स्लाइड पर जाते समय दिखने वाला प्रभाव

 एनीमेशन टैब-  Animation Tab – एनीमेशन लगाने के लिए

 ट्रांज़िशन टैब-  Transitions Tab – ट्रांज़िशन लगाने के लिए

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